सीरियल किलर्स की खौफनाक कहानी, इनके आगे जुर्म भी मांगता है पानी

मानवीय इतिहास में सीरियल किलिंग की घटनाएं काफी पुरानी हैं. 'सीरियल किलर' ठग बहराम से लेकर निठारी के 'नर पिशाच' तक अनेकों नाम हमारे सामने हैं. aajtak.in ऐसी घटनाओं पर सीरीज पेश कर रहा है.

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सीरियल किलर की सनसनीखेज दास्तान सीरियल किलर की सनसनीखेज दास्तान

मुकेश कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:44 AM IST

मानवीय इतिहास में सीरियल किलिंग की घटनाएं काफी पुरानी हैं. 'सीरियल किलर' ठग बहराम से लेकर निठारी के 'नर पिशाच' तक अनेकों नाम हमारे सामने हैं. aajtak.in ऐसी घटनाओं पर सीरीज पेश कर रहा है.

इस किलर ने फिल्मी अंदाज में किया 20 का कत्ल

जून, 2016. बिहार के वैशाली से पुलिस ने एक साइको किलर को गिरफ्तार किया था. उसका कहना था कि गैंग्स ऑफ वासेपुर फिल्म की कहानी उसी के जीवन से प्रेरित है. यहां तक कि फिल्म में दिखाया गया 32 बार गोली मारने वाला सीन भी उसने हकीकत में किया है. यह साइको किलर उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुका है. इंफोसिस का कर्मचारी रह चुका है. बिहार के एक पूर्व विधायक का बेटा है, लेकिन अब तक 20 हत्याकांड को अंजाम दे चुका है. इसका कुख्यात सीरियल किलर का नाम है- अविनाश श्रीवास्तव उर्फ अमित.

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दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से एमसीए की डिग्री लेने वाले अविनाश ने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए जुर्म की दुनिया में कदम रखा. उसके पिता लल्लन श्रीवास्तव आरजेडी के पूर्व विधान पार्षद थे. 2002 में कुछ लोगों ने उनकी हत्या कर दी. इसके बाद अविनाश ने एक-एक करके पांच में से चार हत्यारों को मार दिया. यहां तक कि उसने पिता के हत्या के आरोपियों का केस लड़ रहे वकील को भी गोलियों से भून डाला. 2003 में मुख्य आरोपी मोईन खान को फिल्मी अंदाज में 32 बार गोलियों से भूना.

एक सिरफिरे की करतूत से पसरा मौत का सन्नाटा

मई, 2016. हरियाणा के सोनीपत के करेवड़ी गांव में अजय उर्फ कन्नू पूरे गांव में मौत का दूसरा नाम बन गया. अपने ही गांववालों, अपनी ही बिरादरी का कातिल बने कन्नू ने ये खूनी शपथ पंचायत चुनाव में मिली करारी हार के बाद ली थी. पहले से ही आपराधिक फितरत के अजय के भाई को चुनाव में शिकस्त मिली, तो वह सीरियल किलर बन बैठा. कभी गांव के घर-घर में हाथ जोड़कर घूमने वाला अजय खौफ और दहशत बनकर पूरे गांव में चस्पा हो गया. उसने पूरे गांव को मौत के घाट उतार दने की खूनी सौगंध खा ली थी.

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अपनी खूनी सौगंध को अंजाम देने के लिए उसने तीन घरों में मौत का तांडव मचा दिया. वो भी बाकायदा एलान करके. हर घर में ये दहशत हो गई कि न जाने अब किसकी बारी है. लोग शाम ढले तो दूर दिन-दहाड़े घरों से निकलने में खौफ खान लगे. उसके नाम की दहशत का आलम थी कि कुछ लोग गांव छोड़कर जाने की सोचने लगे. कन्नू के दिल में गांववालों के लिए इतनी नफरत की वजह सोनीपत के करेवड़ी गांव में हुआ पंचायत चुनाव था. इस चुनाव में अपने भाई को मिली शिकस्त से वह बौखला गया था.

इस बौखलाहट ने उसे सीरियल किलर बना दिया. दरअसल, 17 जनवरी 2016 को करेवड़ी गांव में सरपंच के लिए वोटिंग हुई. अजय का भाई संजय भी चुनाव में खड़ा था. कन्नू गांव वालों को डराकर अपने भाई के पक्ष में वोट डलवाना चाहता था. उसने वोटिंग से पहले लोगों को धमकाया भी था. लेकिन गांव वालों ने कन्नू के भाई संजय को वोट नहीं दिए. चुनाव हारने के कुछ दिनों बाद सड़क हादसे में कन्नू के भाई और पिता की मौत हो गई. इसके बाद कन्नू ने पूरे गांव की हत्या करने का ऐलान कर दिया.

गे किलर ने हवस की आग में जला दी कई जिंदगी

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अगस्त, 2016. इंग्लैंड में पुलिस ने एक गे सीरियल किलर को गिरफ्तार किया. उस पर चार लोगों की हत्या करने का आरोप था. यह किलर सोशल नेटवर्किंग एप के जरिए गे लोगों से दोस्ती करता था. उन्हें किसी जगह बुलाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था. हवस की आग शांत होने के बाद उनका कत्ल कर देता था. वह इससे पहले भी आठ युवकों को मौत के घाट उतार चुका था. ये घटना इंग्लैंड के ओल्ड बैली इलाके में घटी थी. 41 वर्षीय स्टेफन पोर्ट पैदायशी गे है. पुलिस ने चार युवकों की हत्या का केस दर्ज किया.

बताया जाता है कि वह पहले तो ऑनलाइन डेटिंग एप के जरिए गे लोगों से दोस्ती करता था. बाद में वह उन युवकों को घर में बुलाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था. इसके बाद उन्हें जहरीला पदार्थ खिलाकर मार डालता था. ओल्ड बैली और उसके आस-पास के इलाके में इस तरह की घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही थी. उसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की. छानबीन के दौरान स्टेफन का नाम सामने आया. तफ्तीश के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी इससे पहले भी हत्या की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है.

मां-बाप सहित 17 लोगों को उतारा मौत के घाट

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अक्टूबर, 2016. चीन के एक सुदूरवर्ती गांव में एक शख्स ने अपना जुर्म छुपाने के लिए एक-दो नहीं बल्कि करीब 17 लोगों को मौते के घाट उतार दिया. इस सामूहिक नरसंहार के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सीरियल किलर यांग किंगपेयी को गिरफ्तार कर लिया. दक्षिणी पश्चिमी युन्नान प्रान्त की राजधानी कुनमिंग में काम करने वाला यांग किंगपेयी अपने गांव पहुंचा था. वहां उसके और मां-बाप के बीच पैसे को लेकर विवाद छिड़ गया था.

महिलाओं नफरत करने वाले किलर की दास्तान

अगस्त 2016. पाकिस्तान में पुलिस ने एक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया. उस पर 17 महिलाओं की हत्या का आरोप था. गिरफ्त में आया सीरियल किलर महिलाओं से बेहद नफरत करता था, जिसकी वजह से ये किलर सिर्फ महिलाओं को ही अपना निशाना बनाता था. पुलिस की गिरफ्त में आए इस सीरियल किलर का नाम मोहम्मद अली है. आरोपी मोहम्मद अली महज 22 साल का है. इतनी कम उम्र में उसके इस खौफनाक खेल से पर्दा उठाकर पुलिस भी हैरान है. उसने एक साल में सभी वारदातों को अंजाम दिया.

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