Corona death in Delhi: कोरोना से किन लोगों की हो रही मौत-क्या पहले से थी गंभीर बीमारी? दिल्ली के इन आंकड़ों से समझें

Delhi corona death toll: दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पांच जनवरी से 9 जनवरी के बीच ही 46 लोगों ने कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा दी है. इनमें 34 लोग ऐसे रहे जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी थी.

Advertisement
दिल्ली में कोरोना हुआ जानलेवा ( सांकेतिक फोटो) दिल्ली में कोरोना हुआ जानलेवा ( सांकेतिक फोटो)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 7:15 AM IST
  • 11 ऐसे लोगों की मौत जिन्हें लगी वैक्सीन की दोनों खुराक
  • 34 मरीज़ रहे गंभीर बीमारी से ग्रसित, अस्पताल में मौत

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मौत आंकड़ा भी रफ़्तार पकड़ रहा है. दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 5 दिन में हुई 46 मौत में से 34 मौत की वजह, मरीज़ों में को-मॉर्बिडिटी(गंभीर बीमारियों से ग्रसित) का होना पाया गया है. ये आंकड़ा 5 जनवरी से 9 जनवरी तक का है. यानी इस दौरान हुई कुल मौतों में से करीब 74% मौत अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीज़ों की हुई हैं. 

Advertisement

दिल्ली में कोरोना हुआ जानलेवा

जान गंवाने वाले 46 मरीज़ों में से 28 पुरुष और 18 महिला हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक को-मॉर्बिडिटी वाले 21 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के बाद कोरोना हुआ था और उनकी मौत हो गई थी. साथ ही, जिन 46 कोरोना मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 32 मरीज ICU में भर्ती थे. वहीं 37 मरीज़ ऐसे थे जिनका ऑक्सीजन लेवल अस्पताल में भर्ती करने के दौरान 94 से कम था. 

11 लोगों को लगी थीं वैक्सीन की दोनों डोज

सरकार के मुताबिक पिछले 5 दिनों में जिन 46 मरीजों की मौत हुई है उनमें से 11 मरीजों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी. 5 जनवरी से 9 जनवरी के बीच जिन 46 मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 25 मरीजों की उम्र 60 साल से अधिक थी. 14 मरीज़ों की उम्र 41 से 60 साल के बीच की थी. 5 मरीज 21 से 40 उम्र तक के थे. एक मरीज 16 से 20 साल और एक मरीज़ उम्र शून्य से 15 साल तक थी. 

Advertisement

46 में से 12 मरीजों की मौत अस्पताल में भर्ती होने वाले दिन ही हो गई थी, जबकि 11 मरीजों की मौत अस्पताल में भर्ती होने के बाद एक दिन के अंदर हुई थी. 6 मरीज़ों की मौत दो दिन के अंदर, 14 मरीज़ों की मौत 3 से 7 दिन के अंदर हुई और बाकी 3 मरीजों मौत एक हफ़्ते के अंदर हुई थी.

क्या होती है को-मॉर्बिडिटी?

एक सीनियर डॉक्टर के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति शुगर, कॉर्निया, हार्ट, लीवर, अस्थमा, टायफायड, एड्स, डायलसिस, किडनी, खून की कमी, या गठिया जैसी बीमारियां से ग्रसित है तो वह मरीज़ में को-मॉर्बिडिटी कही जाती है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »