ऐसे में किरीट सौमेया ने बीएमसी को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि इनके बारे में सही जानकारी दें. इनका टेस्ट कब हुआ है, क्या ये अभी भी काम कर रहे हैं. इससे जुड़े किरीट सौमेया ने कई सवाल पूछे हैं.
भारतीय जनता पार्टी के नेता का दावा है कि एक व्हिसल ब्लोअर ने उन्हें ये जानकारी दी है, इसलिए वह राज्य सरकार से सफाई चाहते हैं.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र देश का ऐसा राज्य है, जहां पर कोरोना वायरस का सबसे अधिक कहर देखने को मिल रहा है. सिर्फ महाराष्ट्र में ही कोरोना वायरस के कुल केस की संख्या 10 हजार के पार चली गई है, जबकि यहां कुल मौत भी 459 हो गई हैं. जो कि किसी भी राज्य में सबसे अधिक हैं.
मुंबई में ही कई स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षाकर्मी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. जिसके कारण लगातार राज्य सरकार और बीएमसी की ओर से सख्ती बरती जा रही है. अगर मुंबई की बात करें तो सिर्फ मुंबई शहर में ही 7000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 200 से अधिक मौत हो चुकी हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी के दौरान अगर कोई व्यक्ति कोरोना संदिग्ध होता है, या उसका टेस्ट होता है तो उसे क्वारनटीन कर दिया जाता है. इस दौरान किसी तरह के संपर्क की इजाजत नहीं है.
aajtak.in