अगर किसी महीने सैलरी लेट हो जाए, या फिर सैलरी आते ही किसी अचानक आए खर्च पर खत्म हो जाए और इस सबके चलते आपके होम-ऑटो लोन की मंथली ईएमआई छूट गई. ऐसा भी हो सकता है कि अचानक आए खर्च की वजह से आपके अकाउंट में ऑटो डेबिट ईएमआई इस लिए बाउंस या फेल हो जाए, क्योंकि खाते में EMI के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे या कुछ सौ रुपये कम थे.
अगर ऑटो डेबिट नहीं है, तो हो सकता है कि किसी कारणवश आप ड्यू डेट पर ईएमआई भरना भूल जाएं. तो आपको भी डर सताने लगता है कि ये क्या हो गया, अब क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर का क्या होगा?
EMI लेट, क्या खराब हो गया CIBIL?
लोन की ईएमआई बाउंस या फेल होने से घबराहट होना स्वाभाविक है. एक दिन ये लेट हुई, कि लोन लेने वाला सोचने लगता है कि मैंने अभी-अभी अपना CIBIL स्कोर खराब कर दिया. इस डर के पीछे वजह भी है, क्योंकि आपका क्रेडिट स्कोर ही है, जो फ्यूचर में लोन, क्रेडिट कार्ड या लोन पर ब्याज दरों में रियायत के लिए जरूरी होता है. बता दें कि वित्तीय मानकों के अनुसार, 300 से 900 के बीच इसका पैमाना रखा जाता है और 750 से ऊपर क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर अच्छा माना जाता है.
अब सवाल ये कि क्या एक दिन EMI लेट होने से इस जरूरी आंकड़े पर कोई असर पड़ता है. तो बता दें कि ये उतना डराने वाला नहीं है. एक दिन की EMI चूकने से आपके क्रेडिट स्कोर पर अपने आप कोई खास बुरा असर नहीं पड़ता, जरूरी ये है कि आप चूकी हुई ईएमआई को कितनी जल्दी चुकाते हैं. कई मामलों में एक अस्थायी चूक को लॉन्गटर्म वित्तीय नुकसान में बदलने से रोका जा सकता है.
घबराने की जरूरत नहीं, ये है प्रोसेस
EMI एक दिन लेट हो जाने से रातोंरात क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर नहीं पड़ता है. इसके प्रोसेस समझें, तो मान लीजिए आपकी EMI बाउंस हो गई है, तो आपको लोन देने वाला बैंक लेट पेमेंट या पेनल्टी इंटरेस्ट लगाना शुरू कर सकता है. अगर ईएमआई पेमेंट ECS, NACH या ऑटो-डेबिट से जुड़ा है और आपके बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने पर ये नहीं कट पाई, तो बैंक की ओर से ईएमआई बाउंस चार्ज लागू किए जाते हैं.
इन सबके साथ ही Loan देने वाले बैंक की ओर से रिमाइंडर मैसेज, ईमेल और फोन कॉल के जरिए भी बाउंस हुई ईएमआई भरने के लिए अलर्ट भेजे जाते हैं. दरअसल, ऐसे मामले में बैंक आमतौर पर इसे गंभीर भुगतान चूक के बजाय बकाया राशि मानकर चलते हैं.
जल्द से जल्द कर दें पेमेंट
फाइनेंशियल एक्सपर्ट इस ईएमआई चूक को लेकर कहते हैं कि EMI बाउंस होने के शुरुआती दिन अहम होते हैं, क्योंकि जल्द से जल्द इसका पेमेंट करने से अक्सर नुकसान को सीमित किया जा सकता है. उनका कहना है कि स्थिति चिंताजनक तब होती है, जब लोन देने वाले बैंक की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान बकाया पेमेंट नहीं किया जाता और उसके द्वारा क्रेडिट ब्यूरो को इसकी सूचना दी जाती है.
एक्सपर्ट्स की मानें, तो ज्यादातर बैंक क्रेडिट ब्यूरो को इस तरह की जानकारी देने से पहले ग्राहकों को 3 से 15 दिनों की मोहलत देती हैं. हालांकि, इन अतिरिक्त दिनों के दौरान चूकी ईएमआई पर पेनल्टी या नेट चार्ज देना होता है, यानी इसके साथ तय समय में किए गए पेमेंट के बाद आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
घबराएं नहीं, आगे लिए रखें ध्यान
क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर न हो, इसके लिए सबसे आसान तरीका ये है कि बकाया राशि का पेमेंट जल्द से जल्द करें. इसके अलावा अगर आपको भविष्य में पेमेंट करने में कोई दिक्कत है, तो इसकी जानकारी अपने बैंक को दे सकते हैं. यानी घबराएं नहीं, एक EMI छूटने से आपका क्रेडिट स्कोर हमेशा के लिए खराब नहीं होगा.
क्रेडिट स्कोर में सुधार के टिप्स
अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो गया है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसे सुधारा जा सकता है. इसके लिए नियमित भुगतान करने, नए सिरे से भुगतान में चूक से बचने और अनुशासित लोन लेने की आदतों को बनाए रखना होगा. ऐसा करके क्रेडिट स्कोर समय के साथ बेहतर हो जाता है. लगातार टाइम पर किए जाने वाला पेमेंट लोन देने वाले बैंकों का भरोसा ग्राहकों पर कायम करता है.
आजतक बिजनेस डेस्क