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Business Idea: इस चीज की मार्केट में तगड़ी डिमांड... ऐसे शुरू करें बिजनेस, फिर बंपर कमाई

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:24 PM IST
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आमतौर पर हम कोई सामान खरीदते हैं या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (E-Commerce Platform) पर ऑर्डर करते हैं, तो इनमें से ज्यादातर गत्ते से बने बॉक्स (कार्टन) में पैक होकर आता है. हम सामान निकालने के बाद इस कार्टन को कचरे के ढेर में फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप गत्ते के इन बॉक्स के बिजनेस के बारे में जानते हैं. जैसे-जैसे देश में ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) का दायरा बढ़ा है, इस चीज की डिमांड में बंपर उछाल आया है और ये फायदे का बिजनेस बन चुका है. 

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कार्टन मार्केट का दायरा बढ़ा
आप मोबाइल फोन खरीदें या फिर स्मार्ट वॉच, कोई झूमर या अन्य कांच का आइटम खरीदें या फिर घर के लिए ग्रॉसरी, इनकी पैकिंग कार्टन बॉक्स में होकर आती है. सामनों की पैकेजिंग के लिए गत्ते से इन बॉक्स को ही तरजीह दी जाती है. तमाम ऐसी बड़ी कंपनियां भी हैं, जो अपने ब्रांड नेम से गत्ते के ये बॉक्स डिजाइन करवाने के लिए बड़े ऑर्डर देती हैं. कुल मिलाकर कहें, तो ये कार्टन का कारोबार भारत में खूब फल-फूल रहा है और इस बिजनेस से जुड़े कारोबारियों को मोटा मुनाफा करा रहा है. 

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बिजनेस शुरू करने से पहले जानकारी जरूरी 
कार्टन बिजनेस शुरू करने से पहले इसके प्रोडक्शन से लेकर सेल तक के बारे में पूरी जानकारी जुटा लेना जरूरी है. इसके लिए तमाम इंस्टीट्यूट कोर्स तक कराते हैं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग तीन महीने से दो साल तक का कोर्स किया जा सकता है और इस कारोबार से जुड़ी बारीकियों को सीखने के बाद अपना स्टार्टअप शुरू किया जा सकता है. 

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लाइसेंस समेत ये NOC चाहिए
जब कोई बिजनेस शुरू किया जाता है, तो इसके लिए बिजनेस रजिस्ट्रेशन होना सबसे पहली शर्त होती है. आप कार्टन का बिजनेस स्टार्ट करने के लिए MSME रजिस्ट्रेशन या उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इससे आपको सरकारी मदद भी मिल सकती है. रजिस्ट्रेशन के अलावा फैक्ट्री लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और जीएसटी रजिस्ट्रेशन की भी जरूरत पड़ती है. 
 

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इस कच्चे माल की होगी जरूरत 
गत्ते के बॉक्स का बिजनेस शुरू करने के लिए इसमें उपयोग होने वाले कच्चे माल के बारे में बात करें, तो कार्टन के लिए मुख्य रूप से क्राफ्ट पेपर इस्तेमाल होता है. जितनी अच्छी क्वालिटी का क्राफ्ट पेपर होगा,  बॉक्स की क्वालिटी उतनी ही अच्छी होगी. इसके अलावा आपको पीले स्ट्रॉबोर्ड, गोंद और सिलाई तार की जरूरत पड़ती है. इस बिजनेस के लिए सिंगल फेस पेपर कॉरगेशन मशीन, रील स्टैंड लाइट मॉडल के साथ बोर्ड कटर, शीट चिपकाने वाली मशीन, शीट प्रेसिंग मशीन, एसेंट्रिक स्लॉट मशीन जैसी मशीनें किसी भी B2B वेबसाइट से ऑर्डर की जा सकती हैं. 

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फैक्ट्री शुरू करने पर खर्च
इस बिजनेस को शुरू करने के लिए करीब 5,500 स्क्वायर फुट जगह की जरूरत होगी. अपनी जमीन पर फैक्ट्री शुरू करने के लिए आपको कार्टन तैयार करने के रॉ-मैटेरियल के अलावा इसे तैयार करने वाली मशीनों पर खर्च करना होता है. आमतौर पर इस काम से संबंधित सेमी-ऑटोमैटिक मशीनें खरीदने के लिए करीब 20 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. वहीं फुली-ऑटोमैटिक मशीनों के लिए आपका बजट बढ़ सकता है.

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हर महीने लाखों की कर सकते हैं कमाई 
अपना कार्टन बिजनेस शुरू करने के साथ ही आपको सप्लाई के लिए ग्राहकों को टारगेट करना होगा, क्योंकि मार्केट में इस चीज की डिमांड है और इस बीच आपको अपने प्रोडक्ट की पहचान बनाकर ऑर्डर हासिल करने हैं. बता दें कि सबसे ज्यादा डिमांड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, फार्मा कंपनियों, स्वीट एंड फूड ब्रांड्स, गारमेंट्स एंड शू बिजनेस और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों से मिलते हैं.

इसके अलावा होलसेल मार्केट में भी बल्क में सप्लाई की जा सकती है. अगर आप अच्छे क्लाइंट्स के साथ एग्रीमेंट करते हैं, तो फिर लाखों रुपये महीने की कमाई कर सकते हैं. आपको अपने कार्टन प्रोडक्ट में कुछ डिमांडिंग चीजों पर फोकस करना भी जरूरी है, जिनमें कस्टम प्रिंटेड बॉक्स और मल्टी लेयर एक्सपोर्ट कार्टन शामिल हैं. आमतौर पर करीब 25% मार्जिन और बिक्री बढ़ने के साथ ही मुनाफा भी बढ़ता जाता है.

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