नोटबंदी के बाद इन पांच फैसलों से बनेगा कैशलेस इंडिया

नोटबंदी के फैसले से केन्द्र सरकार को उम्मीद है कि एक बार देश से 500 रुपये और 1000 रुपये में रखा कालाधन या तो बाहर निकल आएगा नहीं तो तिजोरी में उसकी कीमत सिर्फ एक रद्दी कागज की होगी. लेकिन इस कदम के बाद केन्द्र सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है कि कैसे नई करेंसी का इस्तेमाल एक बार फिर कालेधन को छिपाने के लिए किए जाने से रोके.

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देश को कैशलेस बनाने के लिए जरूरी करना होगा कार्ड ट्रांजैक्शन देश को कैशलेस बनाने के लिए जरूरी करना होगा कार्ड ट्रांजैक्शन

राहुल मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 01 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

नोटबंदी के फैसले से केन्द्र सरकार को उम्मीद है कि एक बार देश से 500 रुपये और 1000 रुपये में रखा कालाधन या तो बाहर निकल आएगा नहीं तो तिजोरी में उसकी कीमत सिर्फ एक रद्दी कागज की होगी. लेकिन इस कदम के बाद केन्द्र सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है कि कैसे नई करेंसी का इस्तेमाल एक बार फिर कालेधन को छिपाने के लिए किए जाने से रोके.

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इसके लिए जरूरी है कि वह देश में को तेजी के साथ आगे बढ़ाए. इसी के चलते देश में खरीदारी करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों (प्वाइंट ऑफ सेल मशीन) पर सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी घटाते हुए उसे 16.5 फीसदी सस्ता कर दिया है. सरकार के इस कदम के बाद आने वाले दिनों में कई नए फैसलों का रास्ता साफ हो गया है.

नोटबंदी के बाद होंगे ये 5 फैसले

1. देश में सभी प्रोफेश्नल सेवाएं जैसे वकील, डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट इत्यादी के लिए यह जरूरी कर दिया जाएगा कि वह अपने ऑफिस में प्वाइंट ऑफ सेल मशीन का इस्तेमाल करने के लिए कनेक्शन लें. ऐसा न करने पर उनके टैक्स रिटर्न की सघन जांच की जाएगी.

2. सभी बैंकों के लिए जरूरी कर दिया जाएगा कि वह राज्य में रजिस्टर्ड सभी दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल सुनिश्चित करें जिससे शहर की किसी भी दुकान पर डेबिट, क्रेडिट या अन्य कैश कार्ड से खरीदारी करने में दिक्कत न हो. इस फैसलों को लागू करने के लिए बड़े शहरों को (100 स्मार्ट सिटी) पहले चुना जा सकता है.

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3. देश के सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पंपों के लिए यह अनिवार्य किया जा सकता है कि वह एटीएम सुविधा से लैस होने के साथ-साथ इंधन की बिक्री प्वाइंट ऑफ सेल मशीन के जरिए ही करें. इन सभी जगहों पर डिजिटल पेमेंट सुविधा पहुंचाने के बाद कैश से खरीदारी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया जा सकता है.

4. देशभर में होटल, रेस्टोरेंट, बार, क्लब, पब और खाने-पीने की सभी दुकानों को प्वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य कर दिया जाए. हालांकि इस फैसले में सरकार सड़क किनारे चाय और नाश्ता बेचने वाले रेढ़ी और खुमचों को के लिए छूट दे सकती है.

5. ऑनलाइन रीटेलरों के लिए यह फैसला लिया जा सकता है कि वह अपना सामान सिर्फ डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट या अन्य डिजिटल पेमेंट माध्यमों से ही बेचें. इसके लिए वह कैश ऑन डिलेवरी जैसे ऑपशन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला भी ले सकती है.

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