7वां वेतन आयोग: कर्मचारियों के भत्ते पर सरकार कभी भी कर सकती है घोषणा

रिपोर्ट के मुताबिक, सचिवों की अधिकार प्राप्त समिति (ई-कॉस) ने सोमवार को अशोक लवासा पैनल की सिफारिशों पर अपनी मसौदा रिपोर्ट को फाइनल कर दिया है.

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अब खत्म होने जा रहा है सातवें वेतन आयोग अब खत्म होने जा रहा है सातवें वेतन आयोग

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2017,
  • अपडेटेड 7:49 AM IST

नरेंद्र मोदी सरकार सातवें वेतन आयोग के तहत संशोधित भत्ते के कार्यान्वयन पर घोषणा कभी भी कर सकती है. ये सिर्फ कुछ दिनों का इंतजार हो सकता है, क्योंकि सरकार बहुत जल्द इसकी घोषणा कर सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक, सचिवों की एम्पॉवरड कमिटी (ई-कॉस) ने सोमवार को की सिफारिशों पर अपनी मसौदा रिपोर्ट को फाइनल कर दिया है. इससे पहले कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया था कि सचिवों की एम्पॉवरड कमिटी 1 जून से पहले संशोधित भत्ते पर लवासा रिपोर्ट के माध्यम से जाएंगे.

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रिपोर्ट के मुताबिक सचिवों की एम्पॉवरड कमिटी 1 जून को केंद्रीय कैबिनेट से पहले सातवें वेतन आयोग को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है.

जानें 7वें वेतन आयोग से महंगाई भत्ते से जुड़ी 10 खास बातें:
1. केन्द्र सरकार के फॉर्मूले के मुताबिक महंगाई भत्ते पर 2 फीसदी की वृद्धि दी जाएगी जिसे 1 जनवरी 20176 से लागू किया जाएगा.

2. कर्मचारी यूनियनों का मानना है कि महंगाई भत्ता निर्धारित करने के लिए इंडस्ट्रियल वर्कर के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को बेंचमार्क मानना हकीकत से अलग आंकड़े देते हैं.

3. यूनियन के मुताबिक सीपीआई एक काल्पनिक आंकड़ा है क्योंकि लेबर ब्यूरो का आंकड़ा हकीकत से दूर रहता है.

4. महंगाई भत्ता बढ़ाने के लिए औसत सीपीआई आंकड़ा 4.95 फीसदी रहना चाहिए जिसे जनवरी 1 से दिसंबर 31, 2017 बेंचमार्क मानना चाहिए.

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5. केन्द्र सरकार अक्टूबर में मंहगाई भत्ते में 2 फीसदी का इजाफा कर चुकी है और उसे जुलाई 2016 से लागू किया था जिससे अब वह सिर्फ 2 फीसदी का इजाफा और करने जा रही है. केन्द्र सरकार पिछले 12 महीने का औसत खुदरा महंगाई का आंकड़ा लेकर महंगाई भत्ता निर्धारित करता है.

6. वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देने के बाद केन्द्र सरकार ने घोषणा की थी कि सभी कर्मचारियों को जनवरी 1, 2016 से बढ़ी हुई सैलरी और भत्ता मिलेगा लेकिन नोटबंदी लागू होने के बाद केन्द्र सरकार इस मुद्दे पर आखिरी फैसला लेने से कतरा रही है.

7. नोटबंदी का फैसला लेने के बाद मोदी सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों के भत्ते पर वेतन आयोग की सिफारिशों को देखने के लिए एक कमेटी गठित कर दी. इस कमेटी को वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का रास्ता तय करने के लिए भी कहा गया है.

8. सूत्रों के मुताबिक अशोक लवासा के नेतृत्व में बनी कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है. लेकिन केन्द्र सरकार कर्मचारियों को भत्ता देने में सक्षम नहीं है क्योंकि नोटबंदी से देश में कैश की किल्लत केन्द्र सरकार को भी परेशान कर रही है .

9. सातवें वेतन आयोग ने एचआरए में 138.71 फीसदी इजाफा किया है और अन्य भत्ते में 49.79 फीसदी की दिया है. पिछले कुछ महीनों के दौरान केन्द्र सरकार के कर्मचारियों की यूनियन वित्त मंत्रालय पर जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बना रही है. कर्मचारी यूनियन अपनी मांग को लेकर स्ट्राइक पर जाने की बात कर रही है.

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10. चुनाव आयोग के निर्देश और 5 राज्यों में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब केन्द्र सरकार कर्मचारियों के भत्ते पर कोई फैसले नहीं ले सकती. लिहाजा उम्मीद की जा रही है कि अब केन्द्रीय कर्मचारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

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