US के घरों से बेहतर भारत के फ्लैट, अमेरिकी महिला का वीडियो वायरल

अमेरिका के नाम पर अक्सर दिमाग में यही आता है कि वहां के घर बेहद आलीशान होंगे, लेकिन सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो वायरल हो रहा है जो भारत के घरों की तारीफ कर रही है.

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भारत और अमेरिका के घरों में क्या अंतर (Photo-ITG) भारत और अमेरिका के घरों में क्या अंतर (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:09 PM IST

अमेरिका की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो दोनों देशों के घरों की तुलना कर रही है. महिला ने भारत और अमेरिका में अपार्टमेंट में रहने के तरीकों की तुलना करते हुए घर बनाने के तरीके और रोज़मर्रा के आराम से जुड़े कुछ दिलचस्प अंतर बताए हैं.

सोशल मीडिया पर अपना वीडियो शेयर करते हुए महिला ने बताया कि भारत में अपार्टमेंट में रहने का एक बड़ा फ़ायदा वहां मिलने वाली शांति और प्राइवेसी थी, भारत में अपार्टमेंट में कंक्रीट से बने होते हैं, कंक्रीट कई इंच मोटा होता है, इसलिए पड़ोसी की आवाज सुनना बहुत मुश्किल होता है. मोटी कंक्रीट की दीवारों और फ़र्श की वजह से घरों के बीच आने-जाने वाले शोर में काफी कमी आती थी. घनी आबादी वाले अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में रहने के बावजूद लोग शांत माहौल का आनंद ले सकते थे.आपको अपार्टमेंट या छोटी जगह में रहने की आदत हो जाती है और आपको सच में कुछ सुनाई नहीं देता.

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यह अनुभव भारतीय शहरों में रहने वाले कई लोगों के लिए जाना-पहचााना है, जहां ज़्यादातर हाईराइज प्रोजेक्ट्स के लिए मजबूत कंक्रीट निर्माण सामग्री के तौर पर पसंद किया जाता है. मजबूती देने के अलावा, कंक्रीट साउंड इंसुलेशन और प्राइवेसी को बेहतर बनाने में भी मदद करता है.

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अमेरिका में क्या अलग?

महिला वीडियो में बता रही है -"मैं कुछ महीने पहले अमेरिका वापस आई और मैं तो भूल ही गई थी, अमेरिका में अपार्टमेंट में रहने का अनुभव आवाज के मामले में बहुत अलग था, अमेरिका में हम अपने अपार्टमेंट कंक्रीट के बजाय बहुत कमजोर मटीरियल से बनाते हैं. और सच कहूं तो, मुझे एक बड़ा झटका लगा." अपने रोज़मर्रा के अनुभव के बारे में बताते हुए उसने कहा, "मैं सुबह अपने पड़ोसियों की आवाज़ सुन सकती थी, वे मुझे जगा देते थे.

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यह समस्या सिर्फ पड़ोसियों तक ही सीमित नहीं थी, उन्होंने बताया, घर के अंदर होने पर भी, अक्सर बाहर का शोर सुनाई देता था. अमेरिका में कई रिहायशी इमारतें, खासकर कम और मध्यम ऊंचाई वाले अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स, लकड़ी के फ्रेम और हल्के मटीरियल से बनाए जाते हैं. ये तरीके आम तौर पर तेज़ और सस्ते होते हैं, जिससे डेवलपर्स को घरों की मांग को आसानी से पूरा करने में मदद मिलती है.

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महिला ने अमेरिका में अपार्टमेंट में रहने के बारे में सोच रहे लोगों को एक काम की सलाह दी. "अगर आप अमेरिका में किसी अपार्टमेंट में रहने के बारे में सोच रहे हैं, तो कृपया इस बात पर ध्यान दें कि वहां शांति की कमी हो सकती है. बस एक जानकारी के लिए बता रही हूं." घर का मतलब सिर्फ़ उसका साइज़ और सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला मटीरियल रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आकार दे सकता है और प्राइवेसी व आराम से लेकर सेहत तक हर चीज़ पर असर डाल सकता है. 

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