अगर आप भी घर खरीदने या बेचने का प्लान कर रहे हैं तो कुछ चीजों के बारे में आपको जान लेना चाहिए, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं. खासकर भारत में अगर आप नया घर खरीदने से पहले आपको मुख्य तौर पर टीडीएस (TDS), पैन (PAN) नियम, जीएसटी (GST) और स्टैम्प ड्यूटी से जुड़े नियमों को समझ लेना जरूरी है.
इसके साथ ही, अगर आप होम लोन ले रहे हैं तो आपको भविष्य में मिलने वाली टैक्स छूट की जानकारी भी पहले से होनी चाहिए. यहां ऐसे ही कुछ नियम बताए गए हैं, जो आपके काम आ सकते हैं...
1. 50 लाख रुपये की ऊपर की प्रॉपर्टी पर टैक्स
आयकर कानून की धारा 194-IA के तहत, अगर आप ₹50 लाख या उससे अधिक की कीमत की प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो आपको सेलर को भुगतान करते समय 1% TDS काटना होगा. काटे गए टीडीएस सरकारी खजाने में फॉर्म 26QB के जरिए पेमेंट वाले महीने में खत्म होने के 30 दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य है. ऐसा नहीं करने पर ब्याज और जुर्माना लग सकता है.
2. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर नियम
अगर आप किसी एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो अब आपको TAN नंबर लेने की जरूरत नहीं है. आप खरीदार के तौर पर सीधे अपने पैन नंबर का उपयोग करके टीडीएस काट और जमा कर सकते हैं.
3. पैन कार्ड की अनिवार्यता
आयकर नियम 159 के तहत अचल संपत्ति के ट्रांजैक्शन में पैन कार्ड देना जरूरी है. छोटे और पहली बार घर खरीदने वाले कस्टमर्स की सुविधा के लिए पैन अनिवार्य करने की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है.
4. घर खरीदने पर GST का नियम
अगर घर पूरी तरह से बनकर तैयार है या रीसेल यानी पुराना फ्लैट खरीदते हैं तो आपको 0% जीएसटी देना होगा यानी कोई जीएसटी नहीं लगेगा. लेकिन घर या फ्लैट अंडर कंस्ट्रक्शन है तो 45 लाख रुपये तक के अर्फोडेबल हाउस पर 1 फीसदी जीएसटी और सामान्य घरों पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है.
5. कैश ट्रांजैक्शन का नियम
आयकर की धारा 269SS के तहत अगर कोई प्रॉपर्टी खरीदने पर एडवांस या टोकन मनी के तौर पर 20 हजार रुपये या उससे ज्यादा की टोकन मनी कैश में देता है तो उसपर भारी पेनल्टी लगाया जा सकता है, क्योंकि सरकार ने कैश लेनदेन के लिए 20 हजार रुपये तक का ही लिमिट तय किया है.
6. घर खरीदने पर टैक्स लाभ
अगर आप घर खरीदने के लिए होम लोन ले रहे हैं तो आपको कम ब्याज पर लोन मिलने के साथ ही ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत सालाना इनकम पर टैक्स छूट भी मिलेगी. खुद के रहने वाले घर के होम लोन ब्याज पर सालाना 2 लाख रुपये तक की छूट क्लेम कर सकते हैं. प्रिंसिपल अमाउंट के रिपेमेंट पर सालाना 1.5 लाख रुपये तक छूट मिलती है.
7. स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन
घर खरीदने के लिए स्टैम्प ड्यूटी हर राज्य में अलग-अलग हो सकती है, लेकिन समान्यत: यह 3 फीसदी से 8 फीसदी के बीच माना जाता है. इसका कैलकुलेशन मार्केट रेट या सर्किल रेट, जो भी ज्यादा हो, उस आधार पर होता है. स्टैम्प ड्यूटी के अलावा, रजिस्ट्रेशन फीस 1 फीसदी तक देना पड़ता है. घर की रजिस्ट्री के समय दी जाने वाली स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस को भी आप भुगतान वाले वर्ष में धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख की कुल सीमा के भीतर क्लेम कर सकते हैं. महिलाओं को स्टैम्प ड्यूटी में 1 से 2 फीसदी तक की छूट दी जाती है.