भारतीय रिजर्व बैंक ने फिर एक बार साफ किया है कि 50 पैसे से लेकर 10 रुपये तक के सभी सिक्के मान्य हैं और चलन में हैं.
रिजर्व बैंक ने कहा कि इन्हें लेने से बैंक सहित कोई भी इंकार नहीं कर सकता. रिजर्व बैंक ने बैंकों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि उनकी शाखाओं में ऐसे सभी सिक्के स्वीकार किए जाएं.
फिलहाल विभिन्न आकार और डिजाइन 50 पैसे, 1 रुपया, 2 रुपये, 5 रुपये और 10 रुपये के सिक्के प्रचलन में हैं. गौरतलब
है कि रिजर्व बैंक को इस बारे में बार-बार शिकायतें मिल रही हैं कि बैंक
की शाखाएं सिक्के नहीं ले रहीं, जिसकी वजह से जनता को काफी असुविधा हो रही
है.
रिजर्व बैंक ने कहा कि अलग-अलग खूबियों के सिक्के समय-समय पर विभिन्न थीम
(जैसे- आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक) में जारी किए जाते हैं, ताकि जनता
की लेन-देन की जरूरतों को पूरा किया जा सके. विभिन्न डिजाइन और आकार के ये सिक्के काफी लंबे समय तक प्रचलन में
रहते हैं.
रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा, 'ऐसी खबरें है कि जनता के कुछ
हिस्सों में इस बारे में संदेह है कि ये सिक्के सही हैं या नहीं.'
रिजर्व बैंक ने कहा, ' इसकी वजह
से कुछ व्यापारी, दुकानदार और आम लोग सिक्के लेने से हिचकते हैं. इसकी वजह
से देश के कई हिस्सों में सिक्कों का निर्बाध तरीके से सर्कुलेशन और
इस्तेमाल नहीं हो रहा.'
बयान में कहा गया है, 'रिजर्व बैंक जनता से अपील
करता है कि ऐसे अफवाहों पर ध्यान न दें और सिक्कों को कानूनी रूप से वैध
मानते हैं स्वीकार करना जारी रखें तथा बिना हिचक के सभी मूल्य के सिक्कों
को स्वीकार करें.'
इसी तरह रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया
है कि उनकी शाखा में जो ग्राहक सिक्के लेकर एक्सचेंज के लिए आते हैं,
उन्हें वापस न करें.
रिजर्व बैंक द्वारा नोट और सिक्कों के एक्सचेंज की
सुविधा के बारे में एक सर्कुलर में कहा गया है कि कोई भी बैंक शाखा अपने काउंटर पर छोटे सिक्कों को स्वीकार करने से इंकार नहीं कर सकती.
रिजर्व बैंक ने एक नोटिफिकेशन के द्वारा सभी बैंकों से कहा है, 'आपको
एक बार फिर यह सलाह दी जाती है कि अपनी सभी शाखाओं को तत्काल यह निर्देश
दें कि वह सभी मूल्य के सिक्के अपने काउंटर पर लेनदेन या विनिमय के लिए
स्वीकार करें और यह सुनिश्चित करें कि इसका कठोरता से अनुपालन हो.'