डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने जिस रेसिप्रोकल टैरिफ के जरिए दुनिया के तमाम देशों को डराया था और ट्रेड वॉर की स्थित पैदा कर दी थी. उसे बीते शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी (US Supreme Court On Tariff) करार दे दिया था. इस फैसले के बाद अब बड़ा अपडेट सामने आया है. रिपोर्ट की मानें, तो अमेरिका कल मंगलवार से अदालत द्वारा रद्द किए गए अतिरिक्त शुल्कों की वसूली रोकने वाला है. अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने घोषणा की है.
टैरिफ कोड किए जाएंगे निष्क्रिय
रिपोर्ट में अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (US Customs and Border Protection) द्वारा बयान जारी करते हुए कहा गया है कि 1977 के इंटरनेशनल इंरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट यानी IEEPA के तहत टैरिफ कलेक्शन मंगलवार को बंद कर दिया जाएगा. ये Tariff Collection अमेरिकी समयानुसार रात 12.01 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 10.30 बजे) बंद हो जाएगा. इसके साथ ही आयातकों को निर्देश दिया गया है कि सभी संबंधित शुल्क कोड (Duty Code) उसके कार्गो सिस्टम में निष्क्रिय कर दिए जाएंगे.
IEEPA के तहत लागू टैरिफ पर ब्रेक
बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी बताने वाला फैसला बीते सप्ताह शुक्रवार को सुनाया गया था. इसके तीन दिन बाद अमेरिका ने टैरिफ वसूली पर ये रोक लगाने का ऐलान किया है. यह निलंबन सिर्फ IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ पर लागू होता है और ट्रंप के कार्यकाल में लगाए गए अन्य शुल्कों को प्रभावित नहीं करता है. इनमें धारा 232 राष्ट्रीय सुरक्षा शक्तियों और धारा 301 अनुचित व्यापार कानूनों के तहत लगाए गए शुल्क शामिल हैं.
SC के टैरिफ पर इस फैसले से उन शुल्कों पर अचानक विराम लग गया है, जो Donald Trump के व्यापार एजेंडे की एक प्रमुख विशेषता बने हुए नजर आए थे. इन शुल्कों ने विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के लिए सोर्स निर्धारण के निर्णयों को बदला था और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ विवादों को जन्म दे दिया था.
टैरिफ से ताबड़तोड़ कमाई, क्या होगा रिफंड?
US Supreme Court द्वारा आईईईपीए के तहत लगाए गए टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद अमेरिका ने टैरिफ वसूली रोकने का ऐलान किया है. रॉयटर्स के मुताबिक, अर्थशास्त्रियों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अमेरिका के 175 अरब डॉलर से अधिक के टैरिफ राजस्व की वापसी का खतरा भी पैदा हो सकता है.
दरअसल, गैरकानूनी करार दिए गए IEEPA Tariff से प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा था. हालांकि, अभी इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है और न ही यह बताया कि टैरिफ से वसूली गई रकम वापस की जाएगी या नहीं.
अमेरिका में अब तक क्या-क्या हुआ?
अमेरिका में बीते 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप टैरिफ से जुड़े मामले पर सुनवाई की गई और 6-3 के फैसले में अदालत ने निचली अदालतों के फैसले पर सहमति जताते हुए पुष्टि की कि Donald Trump ने व्यापक आयात शुल्क लगाने के लिए आईईईपीए का हवाला देकर अपने अधिकारों का उल्लंघन किया. Reciprocal Tariff के गैरकानूनी घोषित किए जाने के तत्काल बाद ही ट्रंप ने धारा 122 का इस्तेमाल कर सभी देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सामानों पर 10% का ग्लोबल टैरिफ जड़ दिया. यही नहीं फिर अचानक ही इसे बढ़ाकर 15% भी कर दिया गया.
बता दें कि नए टैरिफ अमेरिकी व्यापार कानून की जिस धारा 122 का इस्तेमाल कर लगाए गए हैं, उसमें अधिकतम 15% तक के टैरिफ की ही अनुमति है और ये 150 दिनों तक ही लागू रहता है, इससे आगे बढ़ाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी. एक और खास बात ये है कि इससे पहले किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने धारा 122 का प्रयोग नहीं किया है.
आजतक बिजनेस डेस्क