ये तो होना ही था! होर्मुज सील... तेल के खेल में अरब पस्त, US बना नंबर-1 एक्सपोर्टर

अमेरिका पर भी एक समय पर ओपेक देशों ने तेल एक्‍सपोर्ट को लेकर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन आज अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल एक्‍सपोर्टर बन चुका है.

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अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल एक्‍सपोर्टर (Photo: File/ITG) अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल एक्‍सपोर्टर (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

अमेरिका अब दुनिया का सबसे बड़ा तेल एक्‍सपोर्टर बन चुका है, क्‍योंकि होर्मुज बंद होन से मिडिल ईस्‍ट से एशिया-यूरोप जैसे देशों का संपर्क टूट गया है और दुनियाभर में तेल-गैस का संकट छा गया है. बस इसी मौके का फायदा उठाकर अमेरिका दुनिया को तेल गैस खूब बेच रहा है. दुनिया के पास अमेरिका से तेल-गैस खरीदने के अलावा, अन्‍य कोई बड़ा विकल्‍प दिखाई नहीं देता है. 

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एक रूस था, तो उसपर भी यूक्रेन जंग का हवाला देते हुए उसके तेल-गैस के आयात पर बैन लगा दिया. इससे पहले, ईरान-इराक पर प्रतिबंध लागू हुए थे. वेनेजुएला के भी तेल भंडार पर इसने कब्‍जा कर लिया. वहीं अब ईरान पर जंग छेड़कर 'स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद करवा दिया, जो मिडिल ईस्‍ट को भारत-चीन जैसे बड़े एनर्जी आयतकों से जोड़ने का काम करती है. 

ऐसे में सऊदी अबर, यूएई और कतर जैसे देशों से एनर्जी का आयात तेजी से गिरा है. अमेरिका के इस चौतरफा जाल से दुनिया, अब तेल-गैस के लिए अमेरिका पर ही निर्भर हो चुके हैं. 

कभी अमेरिका के तेल पर भी था प्रतिबंध 
हालांकि, एक हैरान करने वाली बात यह भी है कि कभी अमेरिका पर भी तेल प्रतिबंध लागू थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दशकों तक अमेरिका मिडिल ईस्‍ट तेल पर निर्भर था और 1973 में कुछ ओपेक सदस्यों द्वारा इजरायल को सपोर्ट के कारण, अमेरिका पर तेल प्रतिबंध भी लगाया गया था. 

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2010 से बदली अमेरिका की किस्‍मत
साल 2010 के बाद अमेरिका की किस्मत बदलने लगी, जब उसके शेल भंडारों से तेल और गैस का उत्पादन तेजी से बढ़ाया, जिससे वह पहले दुनिया का शीर्ष गैस उत्पादक और अब दुनिया का शीर्ष तेल उत्पादक बन गया. 
फरवरी 2026 से अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सऊदी अरब के तेल निर्यात में बाधा पैदा होने और यूक्रेन पर हमलों के लिए मॉस्को पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल निर्यात प्रभावित होने के कारण, अमेरिका दुनिया का टॉप ऑयल एक्‍सपोर्टर बन चुका है. 

तीन महीने से सबसे बड़ा एक्‍सपोर्टर
उच्च उत्पादन और रणनीतिक भंडार की उपलब्धता के चलते मई में अमेरिका से कच्चे तेल और एनर्जी का निर्यात लगभग 10.5 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया. शिप ट्रैकिंग सेवा वोर्टेक्सा के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका लगातार तीसरे महीने टॉप ग्‍लोबल एक्‍सपोर्टर बना हुआ है. रॉयटर्स की गणना के मुताबिक, मई में रूस का निर्यात 7 मिलियन बैरल प्रति दिन रहा, जबकि वोर्टेक्सा के अनुसार सऊदी अरब का निर्यात 5.9 मिलियन बैरल प्रति दिन था. 

आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब ने 2025 में लगभग 8.1 मिलियन बैरल प्रति दिन का निर्यात किया, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने 6.6 मिलियन बैरल प्रति दिन का निर्यात किया और रूसी निर्यात लगभग 5.8 मिलियन बैरल प्रति दिन रहा था. 

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