डिजिटल टैक्स के मुद्दे पर अमेरिका ने की भारत की आलोचना, बताया भेदभावपूर्ण 

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का कहना है कि भारत की डिजिटल सेवाओं पर कर लगाने की प्रणाली अमेरिकी कंपनियों के साथ भेद करती है और यह अंतरराष्ट्रीय कर सिद्धांतों के अनुरूप भी नहीं है. 

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अमेरिका ने भारतीय टैक्स की आलोचना की (प्रतीकात्मक तस्वीर) अमेरिका ने भारतीय टैक्स की आलोचना की (प्रतीकात्मक तस्वीर)

राहुल श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली ,
  • 07 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 6:26 PM IST
  • डिजिटल सेवाओं पर टैक्स का मामला
  • अमेरिका ने भारत की आलोचना की
  • USTR की आयी रिपोर्ट

अमेरिका ने कथित डिजिटल टैक्स के मुद्दे पर भारत, इटली, टर्की जैसे देशों की आलोचना की है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) का दावा है कि भारत, इटली और तुर्की का डिजिटल सेवाओं पर कर लेना अमेरिकी डिजिटल कंपनियों के साथ भेदभावपूर्ण है.  

यूएसटीआर का कहना है कि भारत की डिजिटल सेवाओं पर कर लगाने की प्रणाली अमेरिकी कंपनियों के साथ भेद करती है और यह अंतरराष्ट्रीय कर सिद्धांतों के अनुरूप भी नहीं है. 

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क्या कहा अमेरिका ने 

बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यूएसटीआर ने कहा कि फिलहाल वह इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, लेकिन उसने चेतावनी दी कि इसे लेकर वह अन्य सभी विकल्पों पर विचार करती रहेगी. 

रिपोर्ट में यूएसटीआर ने कहा कि उसने अपनी जांच में पाया कि भारत ने देश में विभिन्न डिजिटल सेवाओं से राजस्व जुटाने के लिए दो प्रतिशत का इक्वलाइजेशन चार्ज लगाया है. इसमें किसी कंपनी की खुद की डिजिटल प्लेटफॉर्म की सेवाओं, डिजिटल कंटेंट की बिक्री, डिजिटल बिक्री शामिल है. साथ ही डेटा से जुड़ी सेवाएं, सॉफ्टवेयर सेवाओं और अन्य कई श्रेणी की डिजिटल सेवाओं पर यह शुल्क लगाया गया है. 

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डिजिटल सेवाओं पर इक्वलाइजेशन शुल्क

गौरतलब है कि भारत सरकार ने साल 2016 में विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के देश मे लेनदेन करने, आय को कर के दायरे में लाने के लिए डिजिटल सेवाओं पर इक्वलाइजेशन शुल्क लगाना शुरू किया था. 

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यूएसटीआर ने कहा कि 119 कंपनियों को इस कर के दायरे में आने वाला पाया गया. इसमें से करीब 72 प्रतिशत यानी 86 कंपनियां अमेरिका की हैं. 

 

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