टाटा ग्रुप की कपंनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML ने भारत की सेमीकंडक्टर विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की है, जो देश के घरेलू चिप निर्माण के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड यात्रा के दौरान शनिवार को इस डील का ऐलान किया. ASML टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाले आगामी 300 मिमी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट के लिए लेटेस्ट लिथोग्राफी मशीनरी और सॉल्यूशन देगी. इस डील से भारत और नीदरलैंड के बीच संबंध मजबूत होंगे.
ASML क्या करती है?
यह एक विश्व के सबसे महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माताओं में से एक है. यह हाई लिथोग्राफी सिस्टम की आपूर्ति करता है, जिनका उपयोग चिप निर्माता सेमीकंडक्टर बनाने के लिए किया जाता है. ये मशीनें स्मार्टफोन, एआई सिस्टम, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होने वाले लेटेस्ट चिप्स के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.
ASML के साथ साझेदारी करके, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को ग्लोबल सेमीकंडक्टर आपूर्ति चेन के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक तक पहुंच हो जाती है. एएसएमएल ने एक बयान में कहा कि यह सहयोग धोलेरा प्लांट में अपने लिथोग्राफी मशीनरी और सॉल्यूशन के पूरे सूट को तैनात करने पर फोकस होगा ताकि ऑपरेशन में तेजी लाने और मैन्युफैक्चरिंग में सहायता मिल सके.
कई सेक्टर्स के लिए चिप बनाएगी कंपनी
11 अरब डॉलर के नियोजित निवेश से विकसित की जा रही यह फैब, ऑटोमोटिव, मोबाइल डिवाइस और एआई सहित कई सेक्टर्स के लिए सेमीकंडक्टर का निर्माण करेगी. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ और एमडी रणधीर ठाकुर ने कहा कि यह साझेदारी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने और भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद करेगी.
ठाकुर ने कहा कि लिथोग्राफी में नए और लीडरशिप के लिए जानी जाने वाली कंपनी एएसएमएल के साथ साझेदारी करके हम उत्साहित हैं. लिथोग्राफी सॉल्यूशन में एएसएमएल की गहन विशेषज्ञता धोलेरा में हमारी फैब के समय पर चालू होने को तय करेगी.
टाटा गुजरात में क्या बना रहा है?
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स धोलेरा में भारत की पहली 300 मिमी कमर्शियल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट डेवलप कर रहा है. 11 अरब डॉलर के नियोजित निवेश के साथ, यह सुविधा ऑटोमोटिव, मोबाइल डिवाइस, एआई और अन्य सेक्टर्स के लिए सेमीकंडक्टर का निर्माण करेगी, ताकि वैश्विक स्तर पर ग्राहकों की जरूरतों को पूरा किया जा सके.
आजतक बिजनेस डेस्क