सुशांत से लेकर किसान तक, जानें-क्या है प्रमुख मसलों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की राय 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है जो अच्छी बात है. उन्होंने कहा उद्यमियों के मन में तमाम तरह की आशंकाएं हैं. अच्छी बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में अर्थव्यवस्था पटरी पर आ गई है.  

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो: PIB) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो: PIB)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 29 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:31 PM IST
  • वित्त मंत्री ने सभी प्रमुख मसलों पर अपनी राय रखी
  • उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पटरी पर आई
  • सर्विस सेक्टर को त्योहारी सीजन से है उम्मीद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि किसान बिल लाने से पहले सभी पक्षों से बात की गई थी. कोरोना के इकोनॉमी पर असर के बारे में उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है जो अच्छी बात है. एक अखबार से बातचीत में वित्त मंत्री ने किसान बिल से लेकर सुशांत सिंह राजपूत तक सभी मसलों पर अपनी राय रखी. 

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बनी हुई है आशंकाएं 

कोरोना संकट के असर के बारे में इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा उद्यमियों के मन में तमाम तरह की आशंकाएं हैं. यह चिंता है कि जरूरतों के लिए कर्मचारी को किस हद तक बाहर भेजा जाए. अच्छी बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में अर्थव्यवस्था पटरी पर आ गई है.  

उन्होंने कहा कि कारोबारियों ने उन्हें बताया है कि उत्पादन और कच्चे माल का इस्तेमाल कोविड से पहले वाले दौर के लगभग बराबर पहुंच चुका है. हालांकि सर्विस सेक्टर जैसे हॉस्पिटलिटी, होटल, टूरिज्म बुरी तरह प्रभावित हुआ है. त्योहारी सीजन में इनमें कुछ सुधार की उम्मीद कर सकते हैं. 

किसान बिल के विरोध पर अचरज नहीं 

वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें कृषि बिल के विपक्ष द्वारा विरोध पर कोई अचरज नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि सभी पक्षों और विभिन्न सांसदों की राय ली गई थी. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी पक्षों की राय जानने के बाद इसे कैबिनेट तक पहुंचाया था. उन्होंने कहा, 'बहस इस बिल के मेरिट पर नहीं की जाती, इसलिए इसका कोई अंत नहीं. आप हमसे इस बिल के बारे में कोई भी सवाल करिये, हम जवाब देने के लिए तैयार हैं.' 

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सुशांत पर क्या कहा 

सुशांत मामले में क्या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब नया सीबीआई बन गया है, वह लोगों को प्रताड़ित करने लगा है? इस सवाल पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि मनी लॉन्डरिंग बहुत गंभीर मसला है. अगर कहीं मनी लॉन्डरिंग का मसला है तो ईडी उसमें जांच करेगा ही. वे स्वतंत्र और पेशेवर तरीके से अपना काम कर रहे हैं. 

दिल्ली दंगों पर कही ये बात 
क्या दिल्ली दंगों में स्टूडेंट्स का नाम उनकी विचारधारा के आधार पर चार्जशीट में नाम डाला जा रहा है. इस सवाल पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि हिंसा और प्रदर्शन के बीच की रेखा को मिटा दिया गया है. 

आलोचकों को देशद्रोही कहना क्या ठीक है?
वित्त मंत्री ने कहा, 'जी हां, किसी को देशद्रोही कहना गलत है, लेकिन उन लोगों के बारे में क्या कहेंगे जो हमारे सिस्टम में भरोसा नहीं करते.' 

 

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