135 NBFC का रजिस्ट्रेशन रद्द... RBI के एक्शन से मचा हड़कंप, बंगाल में सबसे ज्यादा

RBI Big Action On NBFCs: मई महीने में 150 नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों पर कार्रवाई के बाद अब जून महीने में भी भारतीय रिजर्व बैंक ने 135 NBFCs के रजिस्ट्रेशन रद्द किए हैं. इनमें से ज्यादातर पश्चिम बंगाल की हैं.

Advertisement
पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा एनबीएफसी के रजिस्ट्रेशन कैंसिल. (Photo: File/PTI) पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा एनबीएफसी के रजिस्ट्रेशन कैंसिल. (Photo: File/PTI)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का देश में मौजूद नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) पर एक्शन जारी है. अब केंद्रीय बैंक ने 135 एनबीएफसी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं. आरबीआई ने बुधवार को जारी एक प्रेस रिलीज में इसके बारे में बताते हुए पूरी लिस्ट जारी की है. 

गौरतलब है कि नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) ऐसे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस होते हैं, जो आम बैंकों की तरह ही अपने ग्राहकों को लोन देने, शेयर/बॉन्ड में निवेश करने, और अन्य वित्तीय सेवाएं मुंहैया कराते हैं. इनका पूरा रेग्युलेशन रिजर्व बैंक द्वारा किया जाता है. 

Advertisement

इन दिग्गज NBFCs को झटका
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जिन नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है, उनमें एक्सप्रेस फिनकैप हाउस, अक्षय फिस्कल सर्विसेज, टाइम्स फाइनेंस (P), जुपिटर प्रोजेक्ट्स (P), जुपिटर फिनवेस्ट, एसेल फाइनेंस बिजनेस लोन्स और सिटीवाइड फाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं.

रिजर्व बैंक एक्ट- 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत आरबीआई ने एनबीएफसी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का कदम उठाया है. ये कार्रवाई तय वित्तीय मानकों और रेगुलेटरी गाइडलाइंस का पालन करने पर की गई है. जिन कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए हैं, वे लोन, लीजिंग, इन्वेस्टमेंट और अन्य वित्तीय गतिविधियों (Financial Activities) से जुड़ी हैं.

पश्चिम बंगाल में मचा हड़कंप
RBI की प्रेस रिलीज के मुताबिक, जिन NBFCs के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द करने की कार्रवाई की गई है, उनमें से ज्यादातर का रजिस्टर्ड ऑफिस पश्चिम बंगाल में था. 13 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों ने तो आरबीआई के एक्शन से घबराकर खुद ही अपने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सेंट्रल बैंक को सौंप दिए हैं.

Advertisement

आरबीआई ने कहा कि जे. थॉमस फाइनेंस, इकोन-सुपर सेल्स, हितेशा फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट, टिनवेली टुटिकोरिन इन्वेस्टमेंट्स, कार्नेक्स विनिमय और इम्पैक्ट लीजिंग ने NBFI का कारोबार छोड़ने के कारण अपने लाइसेंस सरेंडर किए हैं. ये कंपनियां अब आम लोगों या बाजार से न तो नया डिपॉजिट ले सकती हैं, न ही किसी प्रकार की लोन या वित्तीय सेवाएं दे सकती हैं.

RBI की रिस्ट में कैस्पियन इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट्स, हरि दर्शन सेल्स, आइवरी कंसल्टेंट्स, SKA कंसल्टेंसी सर्विसेज, त्रिशिता मैनेजमेंट और सुबन ट्रेड्स जैसी NBFCs के नाम भी शामिल हैं. 

मई में भी की थी बड़ी कार्रवाई
भारतीय रिजर्व बैंक ने इससे पहले बीते मई महीने में भी NBFCs पर बड़ी कार्रवाई की थी और 150 रजिस्ट्रेशन रद्द किए थे. केंद्रीय बैंक द्वारा तय किए गए नियमों की अनदेखी करने वाले इन NBFC में सबसे ज्यादा दिल्ली और पश्चिम बंगाल से थे. जहां पश्चिम बंगाल की लगभग 75 एनबीएफसी के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए, तो वहीं दिल्ली की करीब 67 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया गया था. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »