Stock Market Trading Time Change: अगस्‍त से बढ़ जाएगा स्‍टॉक मार्केट का क्‍लोजिंग टाइम, NSE का बड़ा ऐलान!

शेयर बाजार में ट्रेडिंग का समय बदल रहा है. एनएसई ने कहा है कि मार्केट क्‍लोजिंग का समय अब 10 मिनट बढ़ा दिया जाएगा, जो अगस्त से लागू होगा.

Advertisement
ट्रेडिंग का बदलने जा रहा समय. (Photo: File/ITG) ट्रेडिंग का बदलने जा रहा समय. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 30 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

शेयर बाजार के क्‍लोजिंग टाइम में बदलाव होने जा रहा है. यह बदलाव फ्यूचर एंड ऑप्‍शन ट्रेडिंग के तहत किया जा रहा है. अब F&O सेगमेंट में ट्रेडर्स को थोड़ा ज्‍यादा समय मिल सकता है. 

नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (NSE) ने ऐलान किया है कि क्‍लोजिंग ऑक्‍शन सेशन (CAS) की शुरुआत के तहत इक्विटी डेरिवेटिव्‍स सेगमेंट के लिए बाजार बंद होने का सामान्‍य समय 10 मिनट बढ़ाकर 3:40 बजे तक कर दिया जाएगा. यह बदलाव अगस्‍त से लागू हो सकता है. 

Advertisement

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) दिन के अंत में ट्रेडिंग टाइम होता है, जिसमें मार्केट इक्विटी किसी इक्विटीज के लिए एक उचित वैल्‍यू तय करने के लिए खरीद या बिक्री के ऑर्डर देते हैं. मनीकंट्रोल  की रिपोर्ट में शुक्रवार को जारी एक लेटर में NSE ने मार्केट इक्विटीज को जानकारी दी है कि इक्विटी डेरिवेटिव कॉन्‍टैक्‍ट के लिए सामान्य बाजार बंद होने का समय बढ़ाकर दोपहर 3:40 बजे कर दिया गया है, ताकि डेरिवेटिव मार्केट ऑपरेटर को कैश सेगमेंट में नए क्लोजिंग ऑक्शन के तौर पर रखा जा सके. 

प्री-ओपन सेशन और ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो समेत अन्य सेशन समय अनचेंज रहेंगे. कैश सेगमेंट में भी कोई टाइम नहीं बदलेगा. सिर्फ एफएंडओ के लिए ही टाइम बदलेगा. 

क्‍यों हो रहा ये बदलाव? 
एक्सचेंज ने कहा कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान लागू किए गए प्राइस बैंड और प्री-ट्रेड रिस्क कंट्रोल से संबंधित प्रावधान इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट पर भी लागू होंगे. इस कदम का उद्देश्य दिन के अंत में ट्रेडिंग प्रॉसेस के दौरान कैश और डेरिवेटिव्स मार्केट के बीच सुचारू बदलाव और एकरूपता सुनिश्चित करना है. 

Advertisement

ऑपरेशन संबंधी बदलाव के तहत NSE कैश मार्केट में क्‍लोजिंग ऑक्‍शन सेशन के शुरू होने के बाद जब भी स्‍टॉक फ्यूचर कॉन्‍ट्रैक्‍ट्स के ऑपरेशन वैल्‍यू लिमिट को फिर से तय किया जाएगा, तब जानकारियां दी जाएंगी. बदले प्राइस बैंड से बाहर आने वाले बकाया ऑर्डर मौजूदा एक्‍सचेंज नियमों के अनुसार ऑटोमैटिक कैंसिल कर दिए जाएंगे. 

समय बढ़ने से क्‍या बदल जाएगा? 
एक्सचेंज ने स्पष्ट किया है कि डेरिवेटिव कॉन्‍ट्रैक्‍ट के क्‍लोजिंग प्राइस का कैलकुलेशन के लिए उपयोग किए जाने वाले सिस्‍टम में कोई बदलाव नहीं होगा. हालांकि, क्‍लोजिंग वैल्‍यू तय करने के लिए उपयोग की जाने वाली वॉल्यूम-वेटेज एवरेज प्राइस (VWAP) विंडो की गणना अब दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच किए गए ट्रेडों के आधार पर की जाएगी. 

ब्रोकर्स को सलाह दी गई है कि सही से ऑपरेशन तय करने के लिए मौजूदा डेट से पहले अपने ट्रेडिंग ऐप में संबंध‍ित कॉन्‍ट्रैक्‍ट फाइलों को अपडेट कर लें. क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की शुरुआत बाजार स्‍ट्रक्‍चर में एक महत्वपूर्ण बदलाव है और इससे वैल्‍यू तय करने में सुधार होने, क्‍लोजिंग के समय बाजार की अखंडता में वृद्धि होने और घरेलू बाजार प्रथाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब लाने की उम्मीद है. 

(नोट- शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »