बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले सबसे कम उम्र के धाकड़ खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. IPL में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से अपनी चमक बिखेरने वाले वैभव को अब भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया है. इस घोषणा के बाद से ही वैभव के पैतृक गांव ताजपुर मोतीपुर में उत्सव जैसा माहौल बन गया है.
वैभव सूर्यवंशी के चयन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, उनके पिता संजीव सूर्यवंशी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. पूरे गांव के लोग वैभव के घर पर जमा हो गए और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर "बिहार और ताजपुर का टाइगर" के नारे लगाने लगे.
दादी की अटूट आस्था
वैभव की दादी ने पोते के चयन से पहले लंबी पूजा-पाठ की थी और जैसे ही अच्छी खबर आई, वह खुद को रोक नहीं पाईं और खुशी से झूमते हुए स्टेज पर डांस करने लगीं. भाइयों ने जमकर आतिशबाजी की और वैभव के नाम का खास केक काटा गया. सोशल मीडिया पर चल रहे 'सॉरी-सॉरी' ट्रेंडिंग गाने पर गांव के युवा जमकर थिरके. देखें VIDEO:-
बेहद कठिन रहा है 'ताजपुर के टाइगर' का सफर
वैभव का भारतीय टीम तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं था, बल्कि इसके पीछे उनके पिता संजीव सूर्यवंशी की एक दशक लंबी तपस्या और दृढ़ प्रतिज्ञा है. पिता संजीव सूर्यवंशी साल 2016 से ही (जब वैभव महज 5 साल के थे) उसे कड़ा अभ्यास करवा रहे थे. इस दौरान परिवार को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कई बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. एक समर्पित पिता होने के नाते संजीव ने बेटे के रास्ते की हर मुश्किल को खुद झेला और वैभव के लिए क्रिकेट का रास्ता साफ किया.
अंडर-19, IPL और अब टीम इंडिया
पिता की इसी मेहनत और वैभव के असाधारण टैलेंट का नतीजा था कि वह सबसे पहले भारत की अंडर-19 टीम में चुने गए, जहां उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और एशिया कप में भी हिस्सा लिया. इसके बाद वे आईपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनकर राजस्थान रॉयल्स की टीम से जुड़े.
अब वैभव सूर्यवंशी का अगला बड़ा पड़ाव इंडिया-ए टीम होने वाला है. वे 9 जून से शुरू हो रही श्रीलंका ट्राई सीरीज में भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे. समस्तीपुर और पूरे बिहार के लोगों को उम्मीद है कि वैभव लंबी पारी खेलेंगे और विश्व पटल पर देश का नाम रोशन करेंगे.
जहांगीर आलम