राजधानी पटना के सचिवालय थाना क्षेत्र की हार्डिंग रोड पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब लोगों ने सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा. सूचना मिलते ही सचिवालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. देखते ही देखते वीवीआईपी रोड पर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और अधिकारियों की आवाजाही शुरू हो गई.
हार्डिंग रोड राजधानी के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिनी जाती है. ऐसे इलाके में अज्ञात शव मिलने से पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई. शुरुआती जांच के बाद पुलिस को शक है कि जिस जगह शव मिला, वहां हत्या नहीं हुई. आशंका है कि अपराधियों ने वारदात कहीं और की और फिर पहचान छिपाने के लिए शव को यहां लाकर फेंक दिया.
इसी शक को आधार बनाकर पुलिस ने घटनास्थल पर एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम बुला ली. विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाए और आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत की वजह और समय का पता लगाया जा सके.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल मृतक की पहचान का है. शव के पास से ऐसा कोई दस्तावेज या सामान नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके. पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह व्यक्ति कौन था.
अब जांच की सबसे अहम कड़ी सीसीटीवी फुटेज बन गई है. हार्डिंग रोड और आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज से यह साफ हो जाएगा कि शव किस वाहन से लाया गया, कब लाया गया और उसे यहां छोड़कर कौन फरार हुआ.
मामले पर डीएसपी अनु सिंह का कहना है कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. हर पहलू से जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही मृतक की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा. फिलहाल इस घटना में कई सवाल हैं- मरने वाला कौन था? उसकी मौत कैसे हुई? लाश वीवीआईपी इलाके में लाकर क्यों छोड़ा? इन सवालों के जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और सीसीटीवी फुटेज से मिलने की उम्मीद है.
सुजीत कुमार