बिहार के दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर इन दिनों एक नए विवाद में घिर गई हैं. पिछले चौबीस घंटे से सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है. इस वायरल ऑडियो में विधायक मैथिली ठाकुर एक युवक से बात करते हुए बेहद गुस्से बात करती हुई सुनाई दे रही हैं. हालांकि, आजतक इस वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन जिस युवक से विधायक की फोन पर यह बात हुई है, उसने खुद मीडिया के सामने आकर इसकी पूरी कहानी बताई है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित ऑडियो में विधायक मैथिली ठाकुर सामने वाले युवक पर बुरी तरह भड़कती नजर आ रही हैं. ऑडियो में वो युवक के लिए पागल आदमी, खच्चर, बुड़बक और बदतमीज जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं. इतना ही नहीं, ऑडियो में वो युवक से यह भी कहती सुनाई दे रही हैं कि तुम अलीनगर में रहने लायक नहीं हो और अपने इलाके के लिए कलंक हो. वो आगे कहती हैं कि तुम्हारा दिमाग ठीक नहीं है, आइंदा अगर ऐसा काम किया और मेरी जनता की संवेदना के साथ खेला तो हम तो जो करेंगे वो करेंगे ही, भगवान भी तुम्हें कभी खुश नहीं रखेगा. इन तीखे और आपत्तिजनक शब्दों को लेकर अब सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और महिला विधायक के इस बर्ताव पर आपत्ति जता रहे हैं.
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब विधायक मैथिली ठाकुर से फोन पर डांट खाने वाला युवक गौतम झा खुद मीडिया के कैमरों के सामने आ गया. गौतम झा ने अलीनगर विधानसभा क्षेत्र के नदियामि गांव का रहने वाला एक आम ग्रामीण है. उसने कैमरे पर आकर खुद इस वायरल ऑडियो की पुष्टि की. गौतम ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर जो ऑडियो वायरल हो रहा है, वह बिल्कुल सच है और वह उनकी स्थानीय विधायक मैथिली ठाकुर के साथ हुई बातचीत का ही है. गौतम झा ने बताया कि 4 जुलाई की रात करीब 11 बजे अचानक उनके मोबाइल पर विधायक मैथिली ठाकुर का फोन आया था. वो फोन पर कुछ भी सुनने या समझने के मूड में नहीं थीं, बल्कि सीधे उन पर चिल्लाने लगीं. गौतम के मुताबिक, विधायक ने फोन पर जो कुछ भी कहा, वह सब रिकॉर्ड हो गया और अब वही रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है.
क्यों नाराज हुईं विधायक मैथिली ठाकुर?
इस पूरे विवाद की जड़ में एक गरीब परिवार का दर्द और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया एक वीडियो है. दरअसल, अलीनगर विधानसभा क्षेत्र के नदियामि गांव का रहने वाला एक युवक सुभाष चौपाल करीब 10-15 दिन पहले हैदराबाद से अपने गांव के लिए ट्रेन से निकला था, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी वह अपने घर नहीं पहुंचा. वह रास्ते से ही लापता हो गया है.
इस बीच, पिछले दिनों स्थानीय विधायक मैथिली ठाकुर अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर आई थीं. उन्होंने इलाके में कुछ जगहों पर लोगों से मुलाकात भी की और उनकी समस्याएं भी जानीं, लेकिन वो लापता युवक सुभाष चौपाल के घर पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गईं और न ही उस गरीब परिवार की मदद के लिए कोई प्रयास किया. ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक ने लापता युवक की कोई खोज-खबर नहीं ली.
विधायक के इस रवैये को देखकर गांव का ही युवक गौतम झा पीड़ित परिवार के घर पहुंचा. उसने उस लाचार परिवार से मुलाकात की और एक लाइव वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर दिया. इस वीडियो में गौतम झा स्थानीय विधायक मैथिली ठाकुर के साथ-साथ सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहा था. इसी वीडियो में पीड़ित परिवार की एक महिला ने भी रोते हुए मैथिली ठाकुर का नाम लिया और कहा कि बेटी समझकर हम सबने उनको वोट दिया था, लेकिन आज जब मुसीबत आई है तो वो हमारी मदद के लिए आगे नहीं आ रही हैं और गांव आने के बावजूद हमसे मिलने तक नहीं आईं.
वीडियो देखकर खो बैठीं आपा
गौतम झा द्वारा सोशल मीडिया पर यह वीडियो पोस्ट करते ही लोग इस पर तरह-तरह के कमेंट करने लगे और विधायक मैथिली ठाकुर से सवाल पूछ रहे हैं. बताया जा रहा है कि अपनी ही विधानसभा में इस तरह के सवालों और विरोध को देखकर मैथिली ठाकुर बौखला गईं और उन्होंने अपना आपा खो दिया. इसके बाद ही उन्होंने 4 जुलाई की रात को सीधे गौतम झा को फोन मिला दिया. अब यही फोन रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर मैथिली ठाकुर के लिए गले की हड्डी बन गई है.
मीडिया से बातचीत के दौरान गौतम झा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने विधायक के साथ कोई बदतमीजी नहीं की थी, क्योंकि वो उनकी आदरणीय विधायक हैं. गौतम ने कहा कि मुद्दा सिर्फ इतना था कि हमारे समाज का एक लड़का गायब है और पीड़ित परिवार की आवाज उठाने पर विधायक जी का धमकी भरा फोन आ गया. उन्होंने आगे कहा कि वह चाहे जो भी धमकी दें, लेकिन मैं इस बात से खुश हूं कि हमारे आवाज उठाने के कारण अब कुछ काम होता दिखाई दे रहा है और कई नेता पीड़ित परिवार के पास मदद का भरोसा देने पहुंच रहे हैं.
विधायक मैथिली ठाकुर पर तंज कसते हुए गौतम ने कहा कि तुम अलीनगर में रहने लायक नहीं हो, जबकि वो खुद बेनीपट्टी से आती हैं और यहां एरोप्लेन से आती-जाती हैं. गौतम ने आरोप लगाया कि विधायक का ऐसा नकारात्मक रवैया पहली बार नहीं देखा गया है, वो पहले भी ग्रामीणों के साथ ऐसा कर चुकी हैं और इलाके का कोई भी व्यक्ति उनके काम से संतुष्ट नहीं है. गौतम ने कहा कि मैथिली ठाकुर असल में एक पार्ट टाइम विधायिका और फुल टाइम गायिका हैं, इसलिए उन्हें जनता के सवाल सुनकर गुस्सा आता है. उन्होंने कहा कि उनका कोई निजी या राजनीतिक स्वार्थ नहीं है, वे बस इतना चाहते हैं कि सरकार और पुलिस प्रशासन की मदद से उस लापता युवक को जल्द से जल्द ढूंढा जाए.
सौम्य छवि पर उठे सवाल, विधायक का फोन आ रहा बंद
इस वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद अलीनगर की जनता और सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हैं. मैथिली ठाकुर को एक सौम्य, सुशील और मृदुभाषी कलाकार के रूप में जाना जाता रहा है, जिन्हें लोग माता सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त मानते हैं. इतनी कम उम्र में गांव से निकलकर उन्होंने देश-विदेश में अपने मधुर गीतों से पहचान बनाई. इसी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें अलीनगर विधानसभा से टिकट दिया था और जनता ने भी उन्हें भरपूर प्यार देकर भारी मतों से विजयी बनाया था. लेकिन अब जब वही जनता उनसे सवाल पूछ रही है, तो उनके इस क्रोधी रूप को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं.
इस पूरे मामले पर जब विधायक मैथिली ठाकुर का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, तो खबर लिखे जाने तक उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ यानी बंद आ रहा था. अब देखना होगा कि इस वायरल ऑडियो और युवक के आरोपों पर विधायक मैथिली ठाकुर की तरफ से क्या सफाई सामने आती है.
प्रह्लाद कुमार