बिहार की सम्राट सरकार ने टेंडर माफिया और रसूखदार ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद नौकरशाही पर कड़ा हंटर चलाया है. रिशु श्री के साथ सांठगांठ और उससे अवैध वित्तीय लाभ लेने के गंभीर आरोपों में सरकार ने दो सीनियर IAS अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर आईएएस योगेश कुमार सागर (2017 बैच) और आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा (2014 बैच) के निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है.
इन दोनों अफसरों पर आरोप है कि इन्होंने रिशु श्री को सरकारी विभागों के बड़े-बड़े टेंडर दिलाने में मदद की और उसके बदले अपने तथा अपने परिवारों के लिए रिशु श्री से मोटी घूस और महंगे गिफ्ट्स वसूल किए।
छापेमारी में मिला कुबेर का खजाना
विशेष सतर्कता इकाई (SVU) की टीम ने पटना से कुख्यात ठेकेदार और टेंडर माफिया रिशु श्री को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी से पहले एसवीयू (SVU) ने रिशु श्री के पटना स्थित आलीशान फ्लैट पर छापेमारी की थी, जिसमें जांच अधिकारी भी दंग रह गए। छापेमारी के दौरान बरामदगी:
'यूरोप-ऑस्ट्रेलिया टूर' का भंडाफोड़
दरअसल, इस पूरे रैकेट की जड़ें काफी गहरी हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिशु श्री के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA Act) के तहत पहले ही केस दर्ज कर रखा था. ईडी की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि रिशु श्री ने सरकारी टेंडर हासिल करने के बदले आईएएस लॉबी को किस कदर मैनेज किया था:
परिवारों को कराया फॉरेन टूर
रिशु श्री टेंडर मैनेज करने के बदले इन आईएएस अधिकारियों और उनके पूरे परिवार को यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की महंगी हवाई यात्राएं कराता था. यात्रा के टिकट से लेकर वहां फाइव स्टार होटलों में ठहरने और घूमने का पूरा खर्च रिशु श्री खुद उठाता था.
छत की बागवानी पर 9 लाख का खर्च
जांच में यह भी सामने आया कि रिशु श्री ने 2014 बैच की आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा के घर की छत पर की गई आलीशान बागवानी यानी टैरेस गार्डनिंग के लिए 9 लाख रुपये का खर्च खुद मैनेज किया था.
ब्यूरोक्रेसी लॉबी में था गहरा कनेक्शन
एसवीयू और ईडी की अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि रिशु श्री ने बिहार के कई बड़े विभागों में अपना मजबूत सिंडिकेट बना रखा था. वह सीनियर अफसरों से अपने निजी और दोस्ताना संबंधों का इस्तेमाल कर खुद की कंपनियों और अपने चहेते दूसरे ठेकेदारों को अनुचित तरीके से टेंडर दिलवाता था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा था.
सूत्रों के मुताबिक, रिशु श्री से चल रही मौजूदा पूछताछ के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा और आईएएस कैडर के कई अन्य सीनियर अधिकारी भी जांच के घेरे में आ सकते हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं.
शशि भूषण कुमार