हाजीपुर में बीपीएससी शिक्षिका गुंजन कुमारी और उनके पति अमन कुमार के विवाद में अब नया मोड़ आ गया है. पति द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच पहली बार शिक्षिका गुंजन कुमारी ने खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और आज तक किसी भी आरोप को अदालत में साबित नहीं किया जा सका है.
आजतक से बातचीत में गुंजन कुमारी ने कहा कि उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत है तो उसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए, न कि मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर प्रचारित किया जाना चाहिए.
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शिक्षिका ने कहा कि बिना किसी प्रमाण के उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई है. उनका कहना है कि अदालत तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला करती है और उन्हें भरोसा है कि सच्चाई सामने आएगी.
संघर्ष और मेहनत से बनीं BPSC शिक्षिका
गुंजन कुमारी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि इंटरमीडिएट के बाद उनकी शादी हो गई थी. शादी के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और संघर्ष करते हुए स्नातक की डिग्री हासिल की.
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने बीएड किया, सीटेट परीक्षा पास की और फिर BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की. उनके अनुसार, शिक्षक बनने के पीछे कई वर्षों का संघर्ष, मेहनत और निरंतर अध्ययन शामिल है.
गुंजन ने कहा कि उनकी सफलता को किसी और के योगदान से जोड़ना उनकी मेहनत का अपमान है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी योग्यता और परिश्रम के दम पर नौकरी हासिल की है.
जमीन बेचने के आरोप पर दी सफाई
पति अमन कुमार द्वारा लगाए गए उस आरोप को भी उन्होंने खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि उनकी पढ़ाई के लिए जमीन बेची गई थी. गुंजन कुमारी ने कहा कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है.
उनके अनुसार, उनके पति ने जमीन उनकी पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि पैर टूटने के बाद इलाज और उससे जुड़ी परिस्थितियों के कारण बेची थी. उन्होंने कहा कि यदि उनकी शिक्षा के लिए जमीन बेचनी होती तो वह उस समय बेची जाती जब वे पढ़ाई कर रही थीं.
शिक्षिका ने कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है. उन्होंने लोगों से अपील की कि मामले को अदालत के फैसले तक निष्पक्ष नजरिए से देखा जाए.
सुपौल पोस्टिंग और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
गुंजन कुमारी ने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति सुपौल जिले में हुई थी. वहां वे अपने बच्चों के साथ रह रही थीं और नौकरी के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियां भी संभाल रही थीं.
उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल, खाना बनाना और नौकरी की जिम्मेदारियां वे स्वयं निभाती थीं. इसके बावजूद उन्हें लगातार मानसिक दबाव और तनाव का सामना करना पड़ा.
गुंजन ने आरोप लगाया कि उनके पति वहां भी जाकर उनके बारे में गलत बातें फैलाते थे, जिससे उन्हें मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता था. उन्होंने कहा कि इसी वजह से उनका वैवाहिक जीवन लगातार प्रभावित होता रहा.
दार्जिलिंग यात्रा और बेटे को लेकर क्या कहा?
दार्जिलिंग यात्रा को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी शिक्षिका ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद वे अन्य महिला शिक्षिकाओं के साथ दार्जिलिंग घूमने गई थीं.
उनके मुताबिक, यात्रा के दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए लगातार अपने परिवार को जानकारी दी थी. इसके बावजूद इस यात्रा को लेकर उन पर विभिन्न तरह के आरोप लगाए गए, जिन्हें उन्होंने बेबुनियाद बताया.
गुंजन कुमारी ने यह भी कहा कि वर्ष 2022 से वे अपने पति से अलग रह रही हैं. उनका आरोप है कि उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण अलग रहने का फैसला करना पड़ा.
बच्चे की कस्टडी और तलाक पर क्या बोलीं?
शिक्षिका ने आरोप लगाया कि उनके नाबालिग बेटे से दबाव में बयान दिलवाया गया है. उनका कहना है कि यदि बच्चा उनके पास आएगा तो वह स्वयं वास्तविक स्थिति बता देगा.
उन्होंने बताया कि बच्चे की अभिरक्षा प्राप्त करने के लिए उन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की है. उनका कहना है कि उन्होंने अपने बच्चे का पालन-पोषण किया है और उसे पाने का कानूनी अधिकार रखती हैं.
तलाक के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष अपने सभी तथ्य और दावे प्रस्तुत कर दिए हैं. अब उनके पति को भी अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए.
पुलिस क्या बोली?
इस पूरे मामले में सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि पति अमन कुमार की ओर से एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है.
उन्होंने कहा कि पति और पत्नी दोनों पुलिस के समक्ष आए थे और दोनों का कहना है कि वे अब साथ नहीं रहना चाहते. हालांकि, पत्नी की ओर से अब तक कोई अलग आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है.
एसडीपीओ के अनुसार, मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई जांच तथा न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी.
फिलहाल पति-पत्नी के बीच का यह विवाद कानूनी प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है. एक ओर पति गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर शिक्षिका गुंजन कुमारी उन आरोपों को खारिज करते हुए न्यायालय पर भरोसा जता रही हैं. अब इस पूरे विवाद का अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगा.
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