बिहार के समस्तीपुर से मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसमें जाम में फंसी एंबुलेंस में जब मरीज की हालत बिगड़ी तो परिजन अस्पताल ले जाने के लिए उसे गोद में लेकर दौड़ पड़े. लेकिन एंबुलेंस को किसी ने जाने की जगह तक नहीं दी. नतीजा यह हुआ कि समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण मौत हो गई. इस घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. कोई ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं तो कोई ट्रैफिक नियमों का पालन न करने की वजह से जाम लगने की बात कर रहे हैं.
दरअसल, मिथिलांचल को जोड़ने वाला समस्तीपुर का एकमात्र ओवरब्रिज की रिपेयरिंग का कार्य शनिवार से शुरू किया गया था. जिस वजह से वाहनों को रोक-रोककर धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा था. लेकिन हर कोई आगे निकलने की होड़ में ट्रैफिक नियमों को ताक पर रख अपनी गाड़ियों को चला रहा था. जिसका नतीजा हुआ कि ओवरब्रिज पर जाम लग गया.
ओवरब्रिज की मरम्मत और गाड़ियों की अंधी होड़
इस बीच, मरीज को लेकर दो सरकारी एंबुलेंस जब पहुंचीं तो ओवरब्रिज पर जाम में फंस गईं. बेतरतीब तरीके से लगे वाहनों की वजह से ट्रैफिक पुलिस के चाहने के बावजूद एंबुलेंस को जाने की जगह नहीं मिल पाई और न ही किसी वाहन चालक ने जगह देने की कोशिश की. कुछ देर बीत जाने के बाद जब एक एंबुलेंस में सवार मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो यह देख परिजनों ने मरीज को एंबुलेंस से उतारकर मजबूरन भीषण गर्मी में जमीन पर रखा और फिर गोद में उठाकर अस्पताल ले जाने के लिए दौड़ने लगे.
पहले तो ई-रिक्शा से एक निजी अस्पताल में गए, वहां से उन्हें फिर सदर अस्पताल जाने की सलाह दी गई तो फिर ये लोग मरीज को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे जहां इलाज तो शुरू हुआ लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और मरीज की मौत हो गई.
इस बीच किसी ने इस हृदयविदारक घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जो एक बहस छेड़ गया. सांप ने काटा था, समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन नहीं पड़ने से चली गई जान. देखें VIDEO:-
घर का दरवाजा खोलते ही सांप ने काटा
'आजतक' ने इस मामले की तहकीकात की तो पता चला कि वारिसनगर प्रखंड के लखनपट्टी निवासी रामबाबू शर्मा शनिवार को अपने घर पहुंचकर जैसे ही दरवाजा खोल रहे थे कि पैर में सांप ने काट लिया. चूंकि सांप काटने के बाद बिल के अंदर चला गया था, इसलिए यह पता नहीं चल पाया कि किस सांप ने काटा है.
PHC में नहीं था एंटी-वेनम
आनन-फानन में परिजनों ने रामबाबू शर्मा को वारिसनगर पीएचसी में भर्ती कराया जहां एंटी-वेनम इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. सरकारी एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया जा रहा था कि शहर के ओवरब्रिज पर लगे जाम में एंबुलेंस फंस गई.
गोद में उठाकर दौड़ पड़े परिजन
नतीजा हुआ कि परिजन रामबाबू को गोद में उठाकर ई-रिक्शा पर लादकर प्राइवेट अस्पताल ले गए, लेकिन वहां इलाज नहीं हुआ तो फिर उसी ब्रिज से सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया. मृतक के भाई के अनुसार डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि बहुत देर कर दिए हैं, फिर भी कोशिश करते हैं.
अस्पताल में एंटी-वेनम इंजेक्शन के कई डोज रामबाबू शर्मा को दिए गए लेकिन समय काफी हो जाने के कारण सांप का जहर पूरे शरीर में फैल चुका था जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
इस जाम ने एक अनमोल जीवन को छीन लिया. महज कुछ मिनटों में किस तरह एक इंसान की मौत सही समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन नहीं मिलने से हो गई. अब उनके परिजनों का ख्याल कौन रखेगा, ये सारे सवाल रामबाबू अपने पीछे छोड़कर चले गए.
जहांगीर आलम