बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक 14 साल की लड़की का शव कब्र से निकाला गया और परिवार द्वारा लगाए गए बलात्कार और हत्या के आरोपों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि लड़की के साथ कथित तौर पर 3 अप्रैल को बलात्कार और हत्या की गई थी, लेकिन एफआईआर घटना के एक महीने से अधिक समय बाद, 7 मई को दर्ज की गई.
बेलसंड पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रविवार को शव को कब्र से निकाला गया. उन्होंने पीटीआई को बताया, "हालांकि कथित बलात्कार और हत्या 3 अप्रैल को हुई थी, लेकिन पुलिस को घटना की जानकारी एक महीने से अधिक समय बाद मिली. चूंकि यह एक पुराना मामला था, इसलिए हमें शव को कब्र से निकालने के लिए अदालत के आदेश का इंतजार करना पड़ा.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि एफआईआर में कम से कम पांच लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी या हिरासत नहीं हुई है. परिवार के अनुसार, पीड़िता की मां घटना वाले दिन रात करीब 10:30 बजे खेतों से घर लौटीं तो उन्होंने अपनी बेटी को लकड़ी के पलंग पर घुटनों के बल बैठा पाया. दुपट्टा उसके गले में बंधा था और उसका दूसरा सिरा छत के बांस के खंभे से बंधा हुआ था.
परिवार ने आरोप लगाया कि अगली सुबह करीब 8:30 बजे आरोपियों ने लड़की की मां की सहमति के बिना और मुंबई में मजदूर के रूप में काम करने वाले उसके पिता के घर लौटने से पहले ही शव को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया. मृतक के मामा के एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि आरोपियों में से एक लड़की से शादी करना चाहता था और उसे परेशान करता था. बेलसंड पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. रिपोर्ट मिलते ही हम विस्तृत जांच करेंगे और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास करेंगे.
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