कूड़े से बने फ्यूल से चलेंगी दिल्ली की बसें! गडकरी बोले- हाइड्रोजन ही फ्यूचर

एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि, "पिछले 50 साल में मेरी भविष्यवाणी गलत नहीं हुई. आने वाले समय में दिल्ली की बसें शहर के कूड़े से बने हाइड्रोजन पर चल सकती हैं. इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर आय भी बढ़ेगी."

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नितिन गडकरी का कहना है दिल्ली की बसें कूड़े से बने हाइड्रोजन फ्यूल से चलेंगी. Photo: ITG नितिन गडकरी का कहना है दिल्ली की बसें कूड़े से बने हाइड्रोजन फ्यूल से चलेंगी. Photo: ITG

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

E20 पेट्रोल को लेकर देश में बहस अभी थमी भी नहीं कि, कूड़े-कचरे से फ्यूल बनाने की बात चल पड़ी है. एक तरफ लोग मौजूदा E20 फ्यूल से इंजन पर असर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार फ्यूचर के फ्यूल की नई तस्वीर दिखा रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऐसा दावा किया है, जिसने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया. गडकरी का कहना है कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक से नहीं, बल्कि शहर के कूड़े से बने हाइड्रोजन पर दौड़ेंगी. यानी जिस कचरे को आज सबसे बड़ी परेशानी माना जाता है, वही कल वाहनों का फ्यूल बन सकता है.

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नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि, "आने वाले समय में दिल्ली की बसें शहर के कूड़े से बने हाइड्रोजन पर चल सकती हैं. उनका कहना है कि अगर नगर निगम के कचरे को सही तरीके से अलग करके उसका इस्तेमाल किया जाए, तो उससे हाइड्रोजन तैयार किया जा सकता है और यही फ्यूल बसों को चलाने में काम आएगा." गडकरी ने भरोसा जताया कि यह सपना सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि पूरी तरह संभव है.

कूड़े से हाइड्रोजन बनाने की तैयारी

दिल्ली बीजेपी के युवा सम्मेलन में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि, "नगर निगम के कचरे को पहले अलग-अलग किया जाएगा. इसके बाद बायोडाइजेस्टर तकनीक की मदद से उससे हाइड्रोजन गैस तैयार होगी." उनका कहना है कि, "भविष्य में दिल्ली की बसें इसी हाइड्रोजन से चलेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया तेजी से ऐसे फ्यूल की ओर बढ़ रही है, जहां पानी से भी हाइड्रोजन बनाकर वाहनों को चलाया जा सकेगा."

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"मेरी भविष्यवाणी अब तक गलत नहीं हुई."

गडकरी ने अपने बयान पर भरोसा जताते हुए कहा कि, "लोग अक्सर पूछते हैं कि यह सब कैसे होगा. उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में उन्होंने जो भी भविष्यवाणी की है, वह सच साबित हुई है. इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि कूड़े से हाइड्रोजन बनाकर बसें चलाने का सपना भी जल्द हकीकत बनेगा."

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली के लैंडफिल साइटों से करीब 80 लाख टन कूड़े का इस्तेमाल पहले ही एक्सप्रेसवे बनाने के काम में किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2027 तक देशभर में कूड़े के बड़े ढेरों को खत्म करना है. इसके लिए कचरे को संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है.

गडकरी ने कहा कि कचरा सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि कमाई का बड़ा जरिया भी बन सकता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र की नगर निगम ट्रीट किए गए गंदे पानी की बिक्री से हर साल करीब 325 करोड़ रुपये की कमाई कर रही है. उनका कहना है कि अगर कचरे और अपशिष्ट का सही उपयोग किया जाए, तो इससे पर्यावरण को फायदा होगा और स्थानीय निकायों की आय भी बढ़ेगी.

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