मॉनसून के मौसम में नमी ज्यादा होती है, जिससे बीज आसानी से अंकुरित होते हैं और कई सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं. अगर आप भी छोटे-बड़े पैमाने पर खेती करते हैं तो कुछ सब्जियों को उगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, बरसात के मौसम में आमतौर पर तीन तरह की फसलें उगाई जाती हैं. जिसमें बेल वाली सब्जियां, खड़ी फसल वाली सब्जियां और जमीन के अंदर उगने वाली सब्जियां शामिल हैं.
मॉनसून सीजन में फूलगोभी, लोबिया, करेला, लौकी, पालक, तुरई, सेम, भिंडी, प्याज, चौलाई, पत्तागोभी, खीरा, बैंगन, मिर्च और मूली समेत कई तरह की सब्जियां बोई जाती हैं. प्री मॉनसून के ठीक बाद यानी जून-जुलाई में इनकी बुवाई शुरू हो जाती है. बारिश में इन सब्जियों की पैदावार भरपूर होती है.
जून-जुलाई में इन सब्जियों की करें बुवाई
भिंडी (Okra)
भिंडी बरसात की सबसे लोकप्रिय सब्जी है. जून में बुवाई करें तो 45-50 दिनों में पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. पूसा मखमली और अर्का अनामिका भिंडी की अच्छी किस्में हैं. एक हेक्टेयर में 80-100 क्विंटल तक पैदावार हो सकती है.
बैंगन (Brinjal)
बरसात में बैंगन बहुत अच्छा फलता है. जून-जुलाई में पौधों की रोपाई करें. बढ़िया मुनाफा कमाने के लिए बैंगन की पूसा हाइब्रिड किस्में चुनें.
लौकी (Bottle Gourd)
लौकी बहुत तेजी से बढ़ने वाली सब्जी है. बुवाई के 40-45 दिन बाद ही इसकी तुड़ाई शुरू की जा सकती है.
खीरा (Cucumber)
जून में खीरे की बुवाई करें तो जुलाई-अगस्त में अच्छी फसल मिलती है. इसके लिए पूसा उदय जैसी हाइब्रिड किस्में चुनें.
पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, धनिया को जून-जुलाई में बोया जा सकता है. ये सब्जियां 20-30 दिनों में तैयार हो जाती हैं. इनकी कटाई सीजन में कई बार हो सकती है.
फूलगोभी और बंदगोभी (Late varieties)
जुलाई में कुछ देर से गोभी की बुवाई करें तो सितंबर-अक्टूबर में अच्छी फसल मिलती है. इसके अलावा सेम (Beans), करेला और परवल की बुवाई भी बरसात में की जाए तो फायदेमंद होती है.
इन सब्जियों की बुवाई से पहले मिट्टी में अच्छी तरह गोबर की खाद मिलाएं. बरसात में फंगस और कीड़े ज्यादा लग सकते हैं. ऐसे में नीम का तेल या जैविक दवा का इस्तेमाल करें. जल निकासी का ख्याल रखें. खेत में बरसात का पानी न भरने दें, नालियां बनाकर पानी निकालने का इंतजाम रखें.
बरसात का मौसम सब्जियों की बुवाई के लिए वरदान हो सकता है. अगर आप जून-जुलाई में सही सब्जियों की बुवाई करते हैं तो कम लागत में बंपर पैदावार और अच्छा मुनाफा दोनों मिल सकते हैं. बता दें कि भारत में जून से लेकर 15 सितंबर तक बरसात का मौसम होता है.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क