Animal Vaccination: पशुओं के वैक्सीनेशन में जरूर रखें इन बातों का ध्यान, मॉनसून से पहले पशुपालकों के लिए अलर्ट!

मॉनसून सीजन में वातावरण में नमी बढ़ जाती है. ऐसे मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे पशुओं में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. गलघोंटू जैसा कई ऐसी बीमारियां हैं जो गाय, भैंस और अन्य दुधारू पशुओं के लिए जानलेवा हो सकती हैं. ऐसे में पशुओं के वैक्सीनेशन का खास ध्यान रखना जरूरी है.

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Livestock Vaccination Tips (Getty Images) Livestock Vaccination Tips (Getty Images)

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

मॉनसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आती है तो वहीं मॉनसून सीजन पशुपालकों के लिए फायदे के साथ-साथ चुनौतियां भी लाता है. बारिश के साथ नमी बढ़ने से पशुओं में कई संक्रामक रोग तेजी से फैलते हैं. खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, लंगड़े बुखार, लम्पी स्किन डिजीज जैसी बीमारियां पशुओं को बीमार कर सकती हैं और दुधारु पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता घटा सकती हैं. इसलिए मॉनसून की बारिश से पहले ही पशुपालकों को सावधानी बरतना और समय पर पशुओं का वैक्सीनेशन कराना जरूरी है.

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एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पशुओं की बहुत सारी बीमारियों का एक मात्र इलाज उन्हें कंट्रोल करना ही है. इसी के लिए पशुओं का समय-समय पर वैक्सीनेशन कराया जाता है. लेकिन वैक्सीनेशन कराने में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है. 

पशुओं को कौन से टीके जरूर लगवाएं?
खुरपका-मुंहपका (FMD): मॉनसून की बारिश से पहले और मॉनूसन सीजन के बाद यानी साल में दो बार यह टीका लगवाएं. खुरपका-मुंहपका बीमारी पशुओं के मुंह और खुरों में छाले करती है.

गलघोंटू (Hemorrhagic Septicemia - HS): बारिश से पहले पशुओं का यह टीका जरूर लगवाएं. यह सांस की बीमारी है जो तेज बुखार और गले में सूजन पैदा करती है.

लंगड़े बुखार या ब्लैक क्वार्टर (Black Quarter - BQ): युवा पशुओं में आम, मांसपेशियों में सूजन और लंगड़ापन होता है.

ब्रुसेलोसिस: गर्भवती पशुओं और बछड़ों में लगवाएं.

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लम्पी स्किन डिजीज: अगर आपके इलाके में चल रही हो तो अवश्य लगवाएं.

बकरियों-भेड़ों के लिए PPR (Peste des Petits Ruminants) टीका भी जरूरी है. ये टीके आमतौर पर सरकारी पशु चिकित्सालयों में फ्री या कम दाम पर उपलब्ध होते हैं.

वैक्सीनेशन से पहले जरूर बरतें ये सावधानियां 

डी-वार्मिंग पहले कराएं: वैक्सीनेशन से 7-15 दिन पहले पशुओं को कृमिनाशक दवा (डी-वार्मर) जरूर दें. पशुओं के शरीर में कीड़े होने पर टीका अच्छा काम नहीं करता. 

स्वस्थ पशु को ही टीका लगवाएं: बीमार, कमजोर, बुखार वाले, हाल ही में बच्चा देने वाली या गर्भवती पशुओं को टीका न लगवाएं. पशु चिकित्सक की सलाह लें.

सही समय चुनें: सुबह के समय वैक्सीनेशन कराएं जब मौसम ठंडा हो. पशु को थकाएं नहीं और आराम दें.
टीके की जांच करें: टीका ठंडे स्थान पर रखा हो, एक्सपायरी डेट चेक करें. खराब टीका न लगवाएं.

सही तरीके से लगवाएं: पशु चिकित्सक या ट्रेंड व्यक्ति ही इंजेक्शन लगाए. गलत जगह या गलत डोज से नुकसान हो सकता है. सभी पशुओं का वैक्सीनेशन करवाएं ताकि बीमारी न फैले.

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