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Fish Farming: कोरोनाकाल में चली गई थी नौकरी, अब मछली पालन से कमा रहे हैं 6 लाख तक का मुनाफा

Fish Farming: कोरोना काल के दौरान कपिल तलवार के पास आय का कोई साधन नहीं रह गया था. इस दौरान उन्होंने अपने जिले के मत्स्य पालन विभाग से संपर्क किया. विभाग ने उन्हें 50 टैंकों की स्थापना कर बायो फ्लॉक विधि से मछली पालन करने का सुझाव दिया.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • बायो फ्लॉक विधि से मछली पालन की शुरुआत
  • सरकार की तरफ से भी 20 लाख रुपये की सब्सिडी

Biofloc Technique Of Fish Farming : कोरोना काल के दौरान करोड़ों लोगों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी. कारोबार ठप हो गया. कई लोग हताश-निराश होकर भी बैठ गए. उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के रहने वाले कपिल तलवार भी महामारी के दौरान बेरोजगार हो गए थे. लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी. इस दौरान उन्होंने मत्स्य पालन के क्षेत्र में हाथ आजमाया. आज वे अपने क्षेत्र के लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं.

बॉयो फ्लॉक विधि से शुरू किया मछली पालन

कोरोना काल के दौरान कपिल तलवार के पास आय का कोई साधन नहीं रह गया था. इस दौरान उन्होंने अपने जिले के मत्स्य पालन विभाग से संपर्क किया. विभाग ने उन्हें 50 टैंकों की स्थापना कर बायो फ्लॉक विधि( Biofloc Fish Farming) से मछली पालन करने का सुझाव दिया.

सरकार से भी मिली 20 लाख की सब्सि़डी

कपिल तलवार कहते हैं कि इस काम को शुरू करने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से 20 लाख रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई. इसके अलावा विभाग द्वारा भी उन्हें समय-समय पर मछली पालन को लेकर नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई. इस यूनिट के स्थापना के बाद वे पिछले 4 महीने के अंदर प्रति टैंक से 2 कुंतल मछली निकाल चुके हैं.

5 से 6 लाख तक का हो चुका है मुनाफा

कपिल तलवार के मुताबिक, उनके लिए ये मछली पालन का व्यवसाय काफी फायदेमंद साबित हो रहा है. वे अभी तक इस व्यवसाय से 5-6 लाख तक का मुनाफा कमा चुके हैं. 

बॉयो फ्लॉक विधि को क्यों माना जाता है फायदेमंद

मत्स्य विभाग हमेशा से किसानों को बायो फ्लॉक तकनीक के माध्यम से मछली पालन करने के लिए प्रोत्साहित करता आ रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार विधि की सबसे खास बात है कि इसका उपयोग कर कृषि कार्यों के साथ-साथ कम पानी, कम जगह, कम लागत, कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है.

भारत सरकार भी गांवो में रहने वाले बेरोजगारों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. मछली पालन के क्षेत्र में भी कई प्रकार की उपयोगी योजनाएं चलाई जा रही हैं. इसके लिए समय-समय जागरूकता अभियान भी चलाया जाता रहा है.

बायो फ्लॉक तकनीक से मछली पालन करने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

>टैंक में तय तापमान बनाए रखना जरूरी
>24 घंटे बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए
>टैंक में मौजूद ऐरोबिक बैक्टीरिया को जिंदा रखना जरूरी


 

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