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गाय और भैंस भी बन सकती हैं सरोगेट मदर, पशुपालकों को ऐसे होगा फायदा

Surrogate Ship In Cow And Buffalo: किसानों को समस्या से छुटकारा मिल सकता है. अगर आपको बताया जाए कि महिलाओं की ही तरह गाय और भैंसों में भी सरोगेसी संभव है तो शायद आप यकीन नहीं करेंगे. लेकिन साइंस की वजह से अब ऐसा होना संभव है. ऐसा होने से पशुपालक किसी भी गाय और भैंस को कृत्रिम रूप से गर्भाधान करा सकते हैं. 

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 surrogacy will produce high milk yielding cows and buffalo
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • आवारा पशुओं में आएगी कमी
  • बढ़ जाएगा किसानों का मुनाफा

पशुपालन में बढ़ते मुनाफे को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बेहद तेजी से गाय, भैंस और बकरी पालन की तरफ रुख कर रहे हैं. इन सबमें भी किसान सबसे ज्यादा तरजीह गाय पालन को दे रहे हैं. हालांकि, अक्सर किसान संशय में रहते कि गाय की कौन सी नस्ल ज्यादा दूध देती है जिसको घर लाकर वह बढ़िया मुनाफा हासिल कर सकते हैं.

किसानों को इस समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है. अगर आपको बताया जाए कि महिलाओं की ही तरह गाय और भैंसों में भी सरोगेसी संभव है तो शायद आप यकीन नहीं करेंगे. लेकिन साइंस की वजह से अब ऐसा एंब्रियो ट्रांसप्लांट तकनीक होना संभव है. ऐसा होने से पशुपालक किसी भी गाय और भैंस को गाभिन कर सकते हैं

ये है सरोगेसी की तकनीकए

डॉ आनंद सिंह कहते हैं आपको पहले गाय और भैंस, जो सबसे ज्यादा दूध देती हैं, उनके सांड और भैंसा का चुनाव करना होगा. उन सांड और भैंसा से सीमेन कलेक्ट किया जाता है. उसी वक्त किसी दूसरे गाय और भैंस के हीट पीरियड में उनके अंदर से अंडाणु कलेक्ट कर लेटे हैं. और लैब में सीमेन और अंडाणु की सहायता से एक अन्य फर्टाइल अंडाणु का विकास करते हैं. इन अंडाणु के विकसित होने के बाद गाय वाले विकसित अंडाणु को गाय में ट्रांसप्लांट कर देते हैं. ठीक उसी तरह भैंस के विकसित अंडाणु को भैंस में ट्रांसप्लांट करते हैं.

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डॉक्टर आनंद सिंह के पहले हम एक वक्त में एक गाय और भैंस ही गाभिन हो सकती हैं. एंब्रियो ट्रांसप्लांट तकनीक की मदद से हम एक ही वक्त में कई सारी गाय और भैंसों को गाभिन करा कर सकते हैं. इसका फायदा होगा कि इससे दुधारू और बढ़िया नस्ल के गाय और भैंस के बच्चे पैदा होंगे.

पशुपालकों को होगा काफी लाभ

बता दें कि ऐसा करने से किसानों को कई फायदे होंगे. सबसे पहला किसानों को ऐसी नस्लों के गाय और भैंस मिल जाएंगे, जिनकी दूध उत्पादन क्षमता काफी ज्यादा होगी. इससे उनका मुनाफा कई गुना ज्यादा बढ़ जाएगा. वहीं जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो लोग उसे सड़कों पर छोड़ देते हैं. लेकिन अगर हम सरोगेशन तकनीक इन पशुओं पर उपयोग करें तो आवारा पशुओं की भी संख्या में भारी कमी आएगी. साथ ही भैंसे और बछड़े के पालन को प्रोत्साहित किया जा सकेगा. पशुपालक अच्छी नस्ल के भैंसा और सांड के सीमेन को पशुपालन केंद्रों में देकर ठीक-ठाक पैसा कमा सकेंगे.

 

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