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Basil Cultivation: 3 महीनों में 10 लाख तक का मुनाफा, यहां के 90 % किसान कर रहे हैं तुलसी की खेती

Tulsi Farming: हमीरपुर के जलालपुर मार्ग पर बसे उमरिया गांव की कुल आबादी करीब ढाई हजार है. यहां के अधिकतर ग्रामीणों की रोजी-रोटी कृषि पर ही निर्भर है. तीन वर्ष पहले गांव के ही कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर तुलसी की खेती की शुरुआत की. पहली बार में ही उन्हें अच्छा खासा मुनाफा हुआ. जिसके बाद गांव में बड़े स्तर पर इस पौधे की खेती होनी शुरू हो गई.

Basil Cultivation Basil Cultivation
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसान बेहतर मुनाफा देने वाली फसलों की तरफ कर रहे हैं रूख
  • UP के इस गांव के किसान तुलसी की खेती से कमा रहे हैं मुनाफा

Basil Cultivation: भारत में अधिकतर किसान फसल चक्र की प्रकिया अपनाने को लेकर उदासीन रहते हैं. सालों से वे एक ही तरह की खेती, एक ही तकनीक से करते आ रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों से देश के किसान जागरूक हो रहे हैं और बेहतर मुनाफा देने वाली फसलों की तरफ रूख कर रहे हैं.

केंद्र सरकार इस समय देशभर में औषधीय पौधों (Medicinal Plants) की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. इसी के तहत आयुष मंत्रालय ने अगले साल तक 75 लाख घरों पर औषधीय पौधों को पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. तुलसी भी उन्हीं पौधों में से एक है. वहीं उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां के 90 प्रतिशत किसान तुलसी की खेती कर भारी मुनाफा कमा रहे हैं.

गांव में बड़े पैमाने पर होने लगी है तुलसी की खेती

हमीरपुर के जलालपुर मार्ग पर बसे उमरिया गांव की कुल आबादी करीब ढाई हजार है. यहां के अधिकतर ग्रामीणों की रोजी-रोटी कृषि पर ही निर्भर है. तीन वर्ष पहले गांव के ही कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर तुलसी( Basil) की खेती की शुरुआत की. पहली बार में ही उन्हें अच्छा-खासा मुनाफा हुआ. जिसके बाद गांव में बड़े स्तर पर इस पौधे की खेती होनी शुरू हो गई.

सौ दिन में मिलता है एक़ लाख का मुनाफा

उमरिया के पूरन राजपूत 10 बीघे में तुलसी की खेती करते हैं. एक दशक पहले वे आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे. लेकिन तुलसी की खेती से उनकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हुई है. वे बताते हैं कि 10 बीघे में तुलसी की खेती  पर ज्यादा से ज्यादा 50 हजार रुपये का खर्च आता है. प्रति बीघे से डेढ़ से दो क्विंटल पैदावार हो जाती है. जुिसके बाद आर्गेनिक इंडिया नाम की कंपनी हम किसानों से 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से तुलसी खरीदती है. जिससे हमें करीब एक लाख तक का मुनाफा आराम से हासिल हो जाता है.

जानिए कैसे होती है तुलसी के पौधे की खेती

तुलसी की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है. इसकी खेती के लिए सबसे पहले जून-जुलाई में बीजों के मााध्यम से नर्सरी तैयार की जाती है. नर्सरी तैयार होने के बाद इसकी रोपाई की जाती है. रोपाई के दौरान लाइन से लाइन की दूरी 60 सेमी. और पौधे से पौधे की दूरी 30 सेमी. रखी जाती है. 100 दिनों के भीतर तैयार हो जाता है, जिसके बाद कटाई की प्रकिया का पालन किया जाता है.

इस पौधे की सबसे खास बात ये 

>पौधे को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती
>100 दिनों के अंदर कटाई
>कम लागत में ज्यादा मुनाफा
>कम लागत ज्यादा मुनाफा
>दवाओं में उपयोग

तुलसी के ये हैं फायदे

तुलसी के पौधे को वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. तुलसी एक औषधीय पौधा है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है. इसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है,. हालांकि तुलसी के पौधों की पूजा का पौराणिक महत्व भी है, यही वजह है कि देश के अधिकतर घरों के आंगन में इसके पौधे जरूर दिखाई दे जाते हैं.

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