Pradhanmantri Fasal Beema Yojana: भारत कृषि प्रधान देश है. यहां की तकरीबन 50 प्रतिशत से ऊपर की जनसंख्या खेती-किसानी पर निर्भर है. किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जाती है. इसके बावजूद किसान अपनी फसल बर्बाद होने से नहीं बचा पाते हैं. हर साल बाढ़, बारिश या तूफान से किसान की फसलें बड़े नुकसान झेलती है. किसानों के जख्मों पर मलहम लगाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा प्रदान किया जाता है.
इतना प्रतिशत देना होता है प्रीमियम
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होता है. सरकार के ट्वीट के मुताबिक पिछले 6 सालों में किसानों ने जो प्रीमियम दिया है, उससे 5 गुना राशि उन्हें मुआवजे के तौर पर सौंपी गई है.
5 गुना मिलेगा मुआवजा
कृषि मंत्रालय के एक ट्वीट के मुताबिक अगर किसानों ने 6 सालों में 25 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम भरा है तो उन्हें 1.25 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मिला है.
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) December 1, 2022
1. Farmers paid a premium of Rs 25,000/- Crores & received claims amounting to Rs 1.25 Lakh crore.
2. Farmers receive 5 times the amount of the amount than the premium paid by them in past 6 years.#agrigoi #PMFBY #pmfby4farmers#cropinsurance pic.twitter.com/cNKoohKJ3J
72 घंटे के अंदर देनी होगी सूचना
इस योजना के तहत किसान को यदि व्यक्तिगत नुकसान भी हुआ है तो उसे इसका लाभ मिलेगा. पहले सिर्फ सामूहिक स्तर पर खराब फसल पर लाभ मिलता था. किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी के तहत मिल जाती है. किसान को फसल नुकसान होने की स्थिति में 72 घंटों के अंदर बीमा कंपनियों और कृषि विभाग को सूचना देना होता है.