देश में पिछले कुछ समय से ट्रेनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं. इसी कड़ी में कानपुर मंडल में तीसरी घटना सामने आई है. कानपुर से कासगंज जा रही कासगंज एक्सप्रेस (15039) में बिल्हौर के पास एक बोगी में आग लग गई.
ये घटना सुभानपुर गांव के सामने की है. आग लगने की जानकारी मिलते ही ट्रेन रोकी गई और यात्री डिब्बे से कूद-कूदकर उतरे. खबर मिलते ही थाना प्रभारी और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं. इस दौरान कुछ यात्रियों ने फायर सेफ्टी सिलेंडर से आग पर खुद ही काबू पा लिया. गनीमत रही कि इस दौरान किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
इससे पहले कानपुर मंडल के ही इटावा में लगातार 2 दिन तक दो ट्रेनों में आग लगी थी. 16 नवंबर को दिल्ली से सहरसा जा रही 12554 नंबर की वैशाली एक्सप्रेस में आग लगी थी. पेंट्री कार के पास वाली बोगी एस 6 कोच में यह घटना हुई थी. इसमें 19 यात्री घायल हो गए थे.
इससे पहले दिल्ली से दरभंगा जा रही ट्रेन की तीन बोगियों में आग लग गई थी. इनमें एक स्लीपर कोच और दो जनरल बोगियां थीं. गनीमत रही कि इस घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं पहुंची. आग पर काबू पाने के बाद जली तीनों बोगियों को ट्रेन से अलग किया गया, इसके बाद अन्य कोचों में यात्रियों को बैठाकर ट्रेन रवाना की गई.
दरभंगा जाने वाली ट्रेन ठसाठस भरी थी. इसके तीन कोच आग लगने की खबर फैली तो लोग कूदने लगे थे. ट्रेन में सवार महिलाएं, बच्चे, बूढ़े भी कूद गए थे. कुछ लोगों को मामूली चोट आई थी. ट्रेन के गार्ड बबलू सिंह ने बताया था कि इन तीन कोच में 500 के करीब यात्री थे. आग किस कारण लगी, इसकी जानकारी नहीं हो सकी थी. आग भीषण थी. सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया था.