शिवलिंग में शिव और शक्ति दोनों ही समाहित होते हैं. इनकी उपासना करने से दोनों की एक साथ पूजा हो जाती है. स्वयंभू शिवलिंग की पूजा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भी होती है. ये तुरंत फलदायी होती है.