टोक्यो ओलंपिक हिंदुस्तान के इतिहास का सबसे सफल ओलंपिक बनता नजर आ रहा है. भारतीय खिलाड़ी अब तक पांच पदक जीत चुके हैं, जबकि कई अन्य पदकों के अब भी आने की उम्मीद है. भारतीय खिलाड़ी एक के बाद एक पदक अपनी झोली में कर रहे हैं. गुरुवार को टोक्यो ओलंपिक का भारत के लिए काफी अहम दिन रहा.
भारत ने आज हॉकी में 41 सालों के सूखे को खत्म करते हुए जर्मनी को पराजित कर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. वहीं, दूसरा पदक आज रेसलिंग में रवि दहिया ने जिताया. हालांकि, रवि दहिया से लोगों को गोल्ड मेडल की उम्मीद थी, लेकिन वे सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे.
भारत अब तक टोक्यो ओलंपिक में 5 पदक जीत चुका है. इससे पहले भारत ने सबसे ज्यादा पदक 2012 लंदन ओलंपिक में जीते थे. उस बार दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल भारत की झोली में आए थे. 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में गगन नारंग को ब्रॉन्ज, विजय कुमार को 25 रेपिड फायर पिस्टल में सिल्वर, साइना नेहवाल को बैडमिंटन में ब्रॉन्ज, मैरी कॉम को ब्रॉन्ज, योगेश्वर दत्त को ब्रॉन्ज और सुशील कुमार को सिल्वर मेडल मिला था.
तो क्या सबसे सफल ओलंपिक बनेगा टोक्यो?
टोक्यो ओलंपिक में अभी जंग खत्म नहीं हुई है. अभी कई धुरंधरों को मैदान में आना है. अगले तीन दिन में भारत टोक्यो को ओलंपिक को सबसे सफल बना सकता है. कल भारतीय महिला हॉकी टीम से कांस्य की उम्मीद है. यह मुकाबला सुबह सात बजे से शुरू होगा. पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी.
हालांकि, अब भारतीय टीम अपना कल का मुकाबला ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलने जा रही है. वहीं जैबलिन थ्रो में जिस तरह से शानदार प्रदर्शन कर नीरज चौपड़ा ने एंट्री की है उससे भी पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं. इसके अलावा रेसलिंग में बजरंग पुनिया के मुकाबले होने बाकी हैं, जहां भारत को पदक दिला सकते हैं.
टोक्यो में अब तक किसे-किसे मिला मेडल?
टोक्यो के ओलंपिक में भारत को अब तक पांच मेडल मिल चुके हैं. इसमें से दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल हैं. वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चनू ने जहां सिल्वर मेडल अपने नाम किया, तो बैडमिंटन में भारतीय स्टार शटलर पीवी सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. लवलीना ने ब्रॉन्ज, भारतीय हॉकी पुरुष टीम और रवि कुमार दहिया को भी ब्रॉन्ज मेडल मिला है.
(आजतक ब्यूरो)