मैं भाग्य हूं आपने आने वाली दिशा और दशा मैं ही तय करता हूं. मैं आपके कर्मों का फल देता हूं आप जैसा कर्म करेंगे मैं वैसा ही फल आपको दूंगा. यह दुनिया ज्ञानी पुरषों से भरी है. लेकिन सभी लो अपने ज्ञान का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते. क्योंकि ज्ञान को शांत मन की पहचान है. अगर आप क्रोधी हैं. तो आप अपने ज्ञान का प्रयोग ही नहीं कर पाएंगे. इसके लिए अपने क्रोध पर काबू पाना जरूरी है. तभी ज्ञान का सही प्रयोग हो सकता है.