सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पहले सोनिया और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला. 90 करोड़ के बिना ब्याज कर्ज पर सवाल उठाए और इसके बाद कांग्रेस की मान्यता रद्द करने के लिए चुनाव आयोग के दरवाजे पर दस्तक दी. कांग्रेस की सफाई है कि कर्ज देकर कोई व्यवसायिक फायदा नहीं उठाया गया है.