क्या इंसान के साथ-साथ जानवर भी ईश्वर में अपनी आस्था रखते हैं. क्या कभी बंदरों को मंदिर की घंटी बजाते देखा है. चूहे करणी माता के मंदिर में माता की आराधना करते हैं और अजमेर के बजरंगगढ़ में बंदरों को हनुमान मंदिर की घंटी बजाते देखा जा सकता है, लंगूरों को राम कथा में शामिल होते भी देखा गया. छत्तीसघढ़ के महासमुंद स्थित दुर्गा मां के मंदिर में भालू अपनी हाजिरी लगाते हैं. हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगली जानवर खाने की तलाश में मंदिरों तक जाते हैं क्योंकि वहां उन्हें खाना आसानी से मिल जाता है और इंसान पर हमला करने की स्थिति नहीं बन पाती है.