scorecardresearch
 

Coldrif कफ सिरप कंपनी मालिक तीन दिन पहले फरार, MP पुलिस की SIT ने तमिलनाडु की फैक्ट्री में की जांच, खंगाले जा रहे CCTV

5 अक्टूबर को मध्य प्रदेश पुलिस ने छिंदवाड़ा जिले में संदिग्ध किडनी फेल्यर से बच्चों की मौतों की जांच के लिए SIT गठित की थी, जो 'जहरीली' कफ सिरप के सेवन से जुड़ी है.

Advertisement
X
Coldrif सिरप पीने से MP के 20 बच्चों की मौत.(File Photo:ITG)
Coldrif सिरप पीने से MP के 20 बच्चों की मौत.(File Photo:ITG)

छिंदवाड़ा में जहरीली Coldrif कफ सिरप से 20 बच्चों की मौत के मामले में जांच अब तमिलनाडु तक पहुंच गई है. मध्य प्रदेश पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के नेतृत्व में गठित 7 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने बुधवार को तमिलनाडु के कांचीपुरम के पास स्थित दवा निर्माता कंपनी की फैक्ट्री और उसके दफ्तर में छानबीन की. 

जांच अधिकारी ने न्यूज एजेंसी भाषा को बताया कि दवा कंपनी का मालिक जांच शुरू होने से तीन दिन पहले ही परिसर छोड़कर जा चुका था. टीम रजिस्टर्ड ऑफिस में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अहम जानकारी जुटा रही है.

कांचीपुरम के सुंगुवरछत्रम स्थित इस विनिर्माण संयंत्र को पहले ही सील कर दिया गया है. तमिलनाडु पुलिस स्थानीय स्तर पर एसआईटी को सहायता प्रदान कर रही है.

20 बच्चों की मौत, दवा पर लग चुका है बैन 
मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने 7 अक्टूबर को पुष्टि की थी कि जहरीली कफ सिरप पीने से किडनी फेल होने के कारण राज्य में अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है.

खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने 4 अक्टूबर को घोषणा की थी कि फैक्ट्री से लिए  गए कफ सिरप के नमूने 'मिलावटी' पाए गए थे, जिसके बाद कंपनी को तुरंत 'उत्पादन बंद' करने का निर्देश दिया गया.

Advertisement

बता दें कि चेन्नई स्थित यह दवा कंपनी पुडुचेरी, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कुछ अन्य राज्यों को कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' की आपूर्ति करती रही है. तमिलनाडु सरकार ने 1 अक्टूबर से ही इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया था.

---- समाप्त ----

Advertisement
Advertisement