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साहित्य तक टॉप 10- कथेतर पुस्तकें: शंकराचार्य से मुशायरा, अमेठी संग्राम से उलटी गिनती तक

साहित्य तक पर बुक कैफे की टॉप 10 पुस्तकों की कड़ी में जिन पुस्तकों को जगह मिली

जिन पुस्तकों ने साहित्य तक पर कथेतर टॉप 10 में जगह बनाई जिन पुस्तकों ने साहित्य तक पर कथेतर टॉप 10 में जगह बनाई

बुक कैफे की टॉप 10 पुस्तकों की कड़ी अभी जारी है. एक ही जगह बाजार में आई नई किताबों की जानकारी मिल जाए, तो किताबें पढ़ने के शौकीनों के लिए इससे लाजवाब बात क्या हो सकती है? अगर आपको भी है किताबें पढ़ने का शौक, और उनके बारे में है जानने की चाहत, तो आपके लिए सबसे अच्छी जगह है साहित्य तक का 'बुक कैफे', जहां आपको हर बार नई पुस्तकों की जानकारी मिलेगी. इसी सोच के साथ साहित्य आजतक के साहित्य को समर्पित डिजिटल चैनल 'साहित्य तक' पर 'बुक कैफे' के तहत पुस्तकों की चर्चा की एक कड़ी इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी. प्रयास था कि कोरोना महामारी के चलते अवरुद्ध हो गई पुस्तक संस्कृति के विकास को इससे बल मिलेगा.

हमारा लक्ष्य इन शब्दों में साफ दिख रहा था- "आखर जो छपकर हो जाते हैं अमर... जो पहुंचते हैं आपके पास किताबों की शक्ल में...जिन्हें पढ़ आप हमेशा कुछ न कुछ पाते हैं, गुजरते हैं नए कथा लोक में. पढ़ते हैं, कविता, नज़्म, ग़ज़ल, निबंध, राजनीति, इतिहास या फिर उपन्यास...जिनसे पाते हैं जानकारी दुनिया-जहान की और करते हैं छपे आखरों के साथ ही एक यात्रा अपने अंदर की. साहित्य तक के द्वारा 'बुक कैफे' में हम आपकी इसी रुचि में सहायता करने की एक कोशिश कर रहे हैं."

आरंभ में मैं किताबों पर अपनी साप्ताहिक राय रखता था, पर बाद में पुस्तक प्रेमियों के अनुरोध पर इसे 'एक दिन एक किताब' के नाम से दैनिक कर दिया गया. अब जब साल 2021 बीत रहा, तब उन्हीं किताबों में से टॉप 10 पुस्तकें मैंने चुनी हैं. साहित्य तक किसी भी रूप में इन्हें कोई रैंकिंग करार नहीं दे रहा. संभव है कुछ बेहतरीन पुस्तकें हम तक पहुंची ही न हों, या कुछ पुस्तकों की चर्चा रह गई हो. बहरहाल साहित्य तक ने अनुवाद, कथेतर, कथा, उपन्यास और कविता के क्षेत्र से साल 2021 की टॉप 10 पुस्तकों का चयन किया. कथेतर पुस्तकों की कड़ी में इन टॉप 10 पुस्तकों ने अपनी जगह बनाई.

* 'अमिट काल रेखा- आदि शंकराचार्य और उनका आविर्भाव काल', डॉ परमेश्वर नाथ मिश्र. पुरातात्विक, मौद्रिक, अभिलेखीय, ऐतिहासिक साक्ष्यों पर आधारित ग्रंथ, जो यह स्थापित करता है कि सनातन धर्म के महान गुरु आदि शंकर का काल 506 से 475 ईसा पूर्व था. प्रकाशक- मानव प्रकाशन कोलकाता  

* 'भारत के प्रधानमंत्री: देश, दशा, दिशा', रशीद किदवई. सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक सूचनाओं के बीच भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के व्यक्तित्व, कार्य, नीति और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को जताती पुस्तक. प्रकाशक- राजकमल प्रकाशन.  

* 'कशकोलः सफ़ीना-ए-उर्दू के ना खुदाओं की दास्तानें', राजकुमार केसवानी, उर्दू अदब के नुमाया किरदारों की जिंदगी के जाने-अनजाने किस्से के अल्फाज और अंदाजे बयां आपको एक बंदिश की तरह बांध लेते हैं और आप इस भाषा के हुनरमंद नायकों से रूबरू हो जाते हैं. प्रकाशक- मंजुल पब्लिशिंग हाउस  

* 'अमेठी संग्राम, ऐतिहासिक जीत- अनकही दास्तां, अनंत विजय, अमेठी में कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध स्मृति इरानी की वर्ष 2019 की ऐतिहासिक जीत और वर्ष 2014 से वर्ष 2019 की उनकी संघर्ष यात्रा और विजय के कारकों का विश्लेषण. समकालीन राजनीति के पत्रकारीय दस्तावेजीकरण की कोशिश. प्रकाशक- एका वेस्टलैंड

* '1232km: कोरोना काल में एक असम्भव सफ़र', विनोद कापड़ी, कोरोना काल के अचानक लॉकडॉउन अपमान, भय, थकान और भूख के साथ सात प्रवासी मजदूरों की सात दिन, सात रात की गांव वापसी का आंखों देखा वृतांत. प्रकाशक- राजकमल प्रकाशन  

* 'एक देश बारह दुनियाः हाशिए पर छूटे भारत की तस्वीर', शिरीष खरे, इक्कीसवीं सदी में मेट्रो-बुलेट ट्रेन पर सवार भारत के बीच सुदूर प्रदेशों के वंचित लोगों की ज़िन्दगी का किस्सा. एक दूसरा हिन्दुस्तान, जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी. प्रकाशक- राजपाल एंड संस

* 'बाइज़्ज़त बरी', मनीषा भल्ला और डॉ अलीमुल्लाह खान, फर्जी मुकदमों में मुलजिम बनाकर ज़ुल्म के दरिया में धकेले गए समाज के उन लोगों की दास्तान, जिन्हें समाज ने 'बाइज़्ज़त बरी' कर दिया, लेकिन समाज से वे आज तक बरी नहीं हो पाए. प्रकाशक- भारत पुस्तक भंडार

* 'संघम् शरणम् गच्छामि', विजय त्रिवेदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सफ़र पर एक ईमानदार दस्तावेज कई मायनों में एक संपूर्ण खोजपरक पुस्तक, जो लेखक के सालों साल के स्वाध्याय, अनुभवों और साक्षात्कारों के आधार पर लिखी गई है. प्रकाशक- एका वेस्टलैंड

* 'उलटी गिनती', अंशुमन तिवारी और अनिंद्य सेनगुप्ता, चरम आर्थिक असमानता, पर्याप्त रोजगार पैदा करने और मानव विकास की दिशा में ठोस प्रगति करने में विफलता का तथ्यात्मक आंकड़ा. कोविड महामारी से तहस-नहस भारतीय अर्थव्यवस्था में सतत सुधार के लिए खाका पेश करती पुस्तक. प्रकाशक- राजकमल प्रकाशन का सहयोगी उपक्रम सार्थक

* 'क्या रहा है मुशायरों में अब', इक़बाल रिज़वी, भारतीय उपमहाद्वीप में मुशायरों और महफ़िलों की परम्परा और इतिहास पर एक खोजपरक पुस्तक, जो भारत में इस विधा की शुरुआत से उसके इतिहास बन जाने की दास्तां बताती है. प्रकाशक- वाणी प्रकाशन 

 

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