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बशीर बद्र: यादों के उजाले

10 जून 2026

बशीर बद्र ने एक ऐसी बात समझी थी जो कई बड़े शायरों से कभी-कभी छूट जाती हैं. गजल की ताकत आम बोलचाल से दूर रहने में नहीं, बल्कि उसके करीब रहने में है. सबसे दिल को छू लेने वाली लाइन अक्सर वही होती है जो आपको हमेशा से जानी-पहचानी लगती है.

उर्दू शायरी के नामचीन शायरों में शुमार हैं मिर्ज़ा ग़ालिब

दुनिया छोड़ने के 157 साल बाद भी कैसे 'ज़िंदा' हैं मिर्ज़ा ग़ालिब?

15 फरवरी 2026

मिर्ज़ा ग़ालिब उर्दू शायरी के कालजयी शायर हैं. उन्होंने बदलते हिंदुस्तान, 1857 के दौर और इंसानी जज़्बात को नई गहराई दी. उनकी ग़ज़लें, ख़त और फ़लसफ़ा आज भी साहित्य, सिनेमा और ग्लोबल अकादमिक दुनिया में प्रासंगिक बने हुए हैं.

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