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लेखक निर्मल वर्मा

जयंती विशेषः भूलने के विरुद्ध एक शख्सियत निर्मल वर्मा

03 अप्रैल 2021

हिंदी की दुनिया में निर्मल वर्मा ऐसे कथाकार उपन्‍यासकार और चिंतनशील गद्य लेखक हैं जो अपनी भाषा और मंथर गति से शांत धीर बहती हुई किस्‍सागोई से पहचाने जाते हैं. मनुष्‍य के चित्‍त और चैतन्‍य, नियति और प्रारब्‍ध के जटिल सूत्रों का उद्धाटन करने वाले निर्मल वर्मा की जयंती पर उनके लेखन व्‍यक्‍तित्‍व पर प्रकाश डाल रहे हैं समालोचक ओम निश्‍चल

लोकप्रिय लेखिका मन्नू भंडारी [सौजन्यः सोशल मीडिया]

जन्मदिन विशेषः बाल-विमर्श की मार्मिक चितेरी मन्नू भंडारी

03 अप्रैल 2021

एक विदुषी स्त्री और शिक्षक से कहीं इतर मन्नू भंडारी एक कथाकार के रूप में बहुत बड़ी हैं. उनकी सीधी-साफ भाषा, शैली का सरल और आत्मीय अंदाज, सधा शिल्प और कहानी के माध्यम से जीवन के किसी स्पन्दित क्षण को पकड़ना उन विशेषताओं में है, जिसने उन्हें लोकप्रिय बनाया.

कवयित्री अनामिका

स्त्री आंदोलन संवाद का वाहकः अनामिका से खास बातचीत

30 मार्च 2021

हिंदी कविता में पहली बार किसी स्त्री को साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत किए जाने को जब एक ऐतिहासिक घटना की तरह रेखांकित किया जा रहा है, तब साहित्य आजतक पर पढ़िए उनसे हुई खास बातचीत.

कवयित्री अनामिका अपनी कृति-चित्र 'टोकरी में दिगन्त‍: थेरी गाथा 2014' के साथ

देशज यथार्थ और सामाजिक समरसता की कवयित्री अनामिका

30 मार्च 2021

समकालीन कविता परिदृश्य में अनामिका का बीते चार दशकों से हस्‍तक्षेप रहा है. हाल के वर्षों में स्त्री विमर्श की भी वे एक प्रमुख हस्ताक्षर रही हैं. जिस संग्रह 'टोकरी में दिगन्त‍: थेरी गाथा 2014' पर उन्हें यह पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है, वह बुद्धकाल की थेरियों के बहाने स्त्री प्रजाति की पीड़ा और मुक्ति का आख्यान है.

शरद पगारे और 'पाटलीपुत्र की सम्राज्ञी'

वरिष्ठ साहित्यकार शरद पगारे को 2020 का 'व्यास सम्मान'

24 मार्च 2021

वरिष्ठ साहित्यकार शरद पगारे को वर्ष 2020 के लिए केके बिड़ला फाउंडेशन की तरफ से व्यास सम्मान की घोषणा की गई है. यह सम्मान उन्हें वर्ष 2010 में आए उनके उपन्यास 'पाटलीपुत्र की सम्राज्ञी' के लिए दिया गया है.

कवि प्रेम शंकर शुक्ल

जन्मदिन विशेषः कुदरत का चितेरा कवि प्रेमशंकर शुक्ल

16 मार्च 2021

हिंदी कवि प्रेमशंकर शुक्‍ल ने प्रकृति को अपनी संवेदना के सबसे निकट पाया है. उनके जन्‍मदिन पर साहित्य आजतक पर उन्‍हें याद कर रहे हैं हिंदी के सुधी कवि, समालोचक डॉ ओम निश्‍चल

साहित्यकार प्रकाश मनु

मैं और मेरी कविता, अर्द्ध सदी का सफरः प्रकाश मनु

05 मार्च 2021

कविता का और मेरा पुराना साथ है. कभी-कभी तो लगता है, जन्म-जन्मांतरों का. बचपन और किशोरावस्था की लटपट कोशिशों को छोड़ दें, तो सन् 1970 के आसपास बाकायदे कुछ न कुछ लिखने और नियमित लिखते रहने की शुरुआत हुई.

सूर्यकांत त्रिपाठी निरालाः हिंदी के महाप्राण, महाकवि

जयंती विशेषः हिंदी कविता पर निराला का बड़ा उपकार

21 फरवरी 2021

हिंदी कविता की परंपरा यों तो बहुत पुरानी है. पर निर्विवाद रूप से आधुनिक कविता के दो बड़े कवि हैं उनमें एक सूर्यकांत त्रिपाठी निराला हैं दूसरे गजानन माधव मुक्तिबोध. एक छायावाद के प्रमुख स्तंभ हैं दूसरे समकालीन कविता के.

स्वामी रामकृष्ण परमहंस व 'पुरखा पत्रकार का बाइस्कोप' पुस्तक का कवर

रामकृष्ण परमहंस ने जब खुद को कहा था ब्राह्मणी बत्तख

18 फरवरी 2021

धर्म और जाति से परे, सनातन धर्म के मूल, परम तत्व को जीवन में अपनाने वाले, महान आध्यात्मिक संत, समाजसेवी, मानवता के परमपोषक, मां काली के उपासक, स्वामी विवेकानंद के गुरु, ‎दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पुजारी स्वामी रामकृष्ण परमहंस की जयंती पर पढ़िए साहित्य आजतक की विशेष प्रस्तुति.

कृष्णा सोबती ( फाइल फोटो- सौजन्यः India Today Archive)

जयंती विशेषः अपने एकांत और लेखकीय सरोकारों के बीच कृष्‍णा सोबती

18 फरवरी 2021

सोबती की जयंती जब भी आती है, उनके लेखन का जादू सिर चढ़कर बोलता है. उन्हें गए दो साल हो गए. वे यों तो सभा समारोहों में बहुत नहीं जाती थीं पर जहां जाती थीं, आकर्षण का केंद्र होती थीं.

कवि नरेश मेहता [ फोटोः India Today Archive ]

भारतीय काव्‍य परंपरा के वैष्‍णव जन नरेश मेहता

15 फरवरी 2021

नरेश मेहता भारतीय काव्‍य परंपरा में जयशंकर प्रसाद की तरह वैदिक मंत्रों से रस खींचने वाले कवि थे. उनकी जयंती पर साहित्य आजतक पर उन्हें याद कर रहे हैं कवि, समालोचक डॉ ओम निश्‍चल