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क्‍या आप जानते हैं सूर्य नमस्‍कार करने के ये फायदे?

अगर आप हर तरह के रोगाें से दूर रखकर फिट रहना चाहते हैं तो सूर्य नमस्‍कार से बेहतर कुछ भी नहीं. सूर्य नमस्कार 12 आसनों से मिलकर बना है जोकि अपने आप में पूरे शरीर का वर्कअाउट करने के लिए काफी है.

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निरोग रहने के लिए हर रोज करें सूर्य नमस्कार निरोग रहने के लिए हर रोज करें सूर्य नमस्कार

वर्कआउट करने के लिए टाइम नहीं है और वजन के साथ ही बीमारियां भी शरीर में घर बनाने लगी हैं तो बस पांच मिनट का सूर्य नमस्‍कार आपको फिट रखने में करेगा मदद. सूर्य नमस्कार प्राचीन समय से योग गुरुओं के बीच काफी चर्चित रहा है. यह विदेश में भी इतना ही लोकप्रिय है. सूर्य नमस्कार से तन, मन और वाणी, तीनों को शांति और ऊर्जा मिलती है. वहीं, सूर्य नमस्कार शरीर के सभी अंगों को क्रियाशील बनाता है. 

फिटनेस और योगा एक्‍सपर्ट रंजना मिश्रा बताती हैं कि सूर्य नमस्कार 12 आसनों से मिलकर बना है. इसलिए रोजाना सिर्फ सूर्य नमस्कार करना ही आपके पूरे शरीर को ऊर्जावान बनाता है और रोगों से भी दूर रखता है.

सूर्य नमस्कार करने के लाभ
- पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उससे पाचन शक्ति बढ़ती है.
- शरीर के ज्यादा वजन को कम करके शरीर को लचीला बनाता है.
- दिमाग को शांत करता है और आलस्य को दूर भगाता है.
- इस व्‍यायाम को करने से शरीर में खून का प्रवाह तेज हो जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है.
- अगर आप बालों की समस्‍या से ग्रसित हैं तो यह योगा अभ्‍यास आपके बालों को असमय सफेद होने, झड़ने व रूसी से बचाता है.
- शरीर में ताजगी भरता है और मन को एकाग्र करने में सहायता करता है.
- अगर आपको गुस्‍सा बहुत जल्‍दी आता है तो यह योग आपको इसे कंट्रोल में रखने की शक्ति भी प्रदान करता है.
- जोड़ों को सुचारू रखने में भी सहायक है.
- यह योग करने से शरीर में लचीलापन बना रहता है, जिससे पीठ और पैरों के दर्द में आराम मिलता है.
- शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन डी मिलता है जो हड्डियों को मजबूत करने और आंखों की रोशनी बढ़ाने में फायदेमंद होता है.
- यह योग त्‍वचा के रोग खत्‍म करने में भी मददगार साबित होता है.

इन बातों का रखें ध्‍यान
- सूर्य नमस्कार पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके ही करना चाहिए.
- सूर्य नमस्कार करते समय शरीर की प्रत्येक क्रिया को ध्यानपूर्वक व आराम से करना चाहिए.
- इस योग अभ्‍यास को शुरू करने से पहले योगा एक्‍सपर्ट की राय जरूर लें.
- सूर्य नमस्कार की तीसरी व पांचवीं स्थितियां सर्वाइकल एवं स्लिप डिस्क वाले रोगियों के लिए वर्जित हैं.
- अगर आप किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं तो एक आर अपने डॉक्‍टर से कंसल्‍ट जरूर कर लें.
- सूर्य नमस्‍कार कम से कम पांच बार करना चाहिए लेकिन शुरुआत के समय आप इसे अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार करें.


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