सोहरखा समेत पांच अन्य गांवों के किसान आज फिर से सड़कों पर दिखे. किसानों का कहना है कि 802 एकड़ जमीन पर अंतिम निर्णय आने तक इलाके में बिल्डरों का काम नहीं होने दिया जाएगा. शनिवार को अथॉरिटी के मुख्य प्रशासनिक ऑफिस में चेयरमैन, सीईओ और इन गांवों के किसानों के बीच हुई बैठक फेल हो गई.