उत्तराखंड सरकार ने अल्पसंख्यक संस्थाओं को नए सिरे से परिभाषित किया है. राज्य कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अधिनियम में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. अभी तक राज्य में अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान का दर्जा केवल मुस्लिम समुदाय को मिलता था। लेकिन अब प्रस्तावित अधिनियम के तहत सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी समुदायों को भी यह सुविधा मिलेगी.