चीन भले ही हमारे देश से मानसरोवर यात्रियों को वहां जाने ना दें. लाख अड़ंगे लगाए, चीन हमारी सीमाओं का लगातार अतिक्रमण करता रहे और उसकी इन हरकतों पर जब पूरा देश एक सुर में चीन की निंदा करता हो तो ऐसे में हमारे देश के एक नामी आध्यात्मिक संत इन बातों को लेकर चीन का बचाव करें, यह बात समझ से बाहर है. जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और बहुचर्चित संत पायलट बाबा चीनी ड्रैगन के प्रेम में डूबे हुए हैं. उन्हें चीन के राष्ट्रीय चिन्ह माने जाने वाले ड्रैगन से इतना लगाव है कि वे अपने हर आश्रम में सबसे पहले विशालकाय ड्रैगन की मूर्तियां लगवाना पसंद करते हैं. एक संत का यह ड्रैगन प्रेम वास्तव में चौंकाने वाला है.
धर्म नगरी हरिद्वार में जूना अखाड़े के सबसे ताकतवर माने जाने वाले पायलट बाबा का गंगा किनारे भव्य आश्रम है. आजकल इस आश्रम को और विशालकाय बनाया जा रहा है. बता दें कि ये आश्रम उन्हीं पायलट बाबा का है जिनकी संत समाज और जूना अखाड़े में तूती बोलती है. माना जाता है कि बाबा अखाड़ों के संतो में सबसे बड़े धन-कुबेर हैं और इसकी वजग भी है. वजह यह है कि बाबा के देश ही नहीं, विदेशों में भी खूब भक्त फैले हैं. बाबा के विदेशी भक्तों में चीन के भक्तों की संख्या ज्यादा है.
पायलट बाबा के आश्रमों में वैसे तो देवी-देवताओं और महापुरुषों की प्रतिमाओं की भरमार है. लेकिन बाबा के आश्रमों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उनके आश्रमों में विशालकाय चीनी ड्रैगन बहुत प्रमुखता के साथ दिखाई देते हैं. पायलट बाबा को ड्रैगन इतना लुभाता है कि इस ड्रैगन की प्रतिमाओं को वे अपने हर आश्रम में लगवाते हैं. ड्रैगन प्रेम की वजह से ही पायलट बाबा को कई बार विरोध का सामना भी करना पड़ा है.
जब पायलट बाबा का उत्तरकाशी में आश्रम बन रह था तो उस आश्रम में भी विशालकाय ड्रैगन लगवाए गए थे, इस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई और वहां जमकर हंगामा किया. लोगों के विरोध को देखते हुए ही उन्हें ना केवल आश्रम से ड्रैगन की मूर्तियां हटवानी पड़ीं, बल्कि उन्हें हमेशा के लिए उत्तरकाशी का आश्रम भी छोड़ना पड़ गया था.
लेकिन इस विरोध के बाद भी पायलट बाबा का ड्रैगन प्रेम कम नहीं हुआ. बाबा के हर आश्रम में अंदर दाखिल होने के पहले आप दरवाजों पर ड्रैगन की प्रतिमाएं देख सकते हैं. पायलट बाबा के हरिद्वार में बन रहे आश्रम में भी ड्रैगन को स्थापित किया गया है. हैरानी की बात ये है कि बाबा अपने ड्रैगन प्रेम को मानते हैं और वे इसकी तुलना भारत के राष्ट्रीय चिन्ह से भी करते हैं.
अगर आपको लगता है कि पायलट बाबा को सिर्फ चीनी ड्रैगन से ही प्यार है तो आप गलत हैं. बाबा का प्यार तो चीन के लिए खूब उमड़ता है. बाबा को लगता है कि भारत को चीन से कोई खतरा नहीं है, यही नहीं पायलट बाबा चीन की तारीफों के ऐसे कसीदे पढ़ते हैं जैसे वे चीन के राष्ट्रीय प्रवक्ता हों.
सरकार भी बाबा को हिदायत दे रही है सरकार ने बाबा को कानून का डर भी दिखाया है. पिछले दिनों चीन ने ना केवल कई जगह भारतीय सीमा में अतिक्रमण किया बल्कि अपने नक्शे में काश्मीर के एक भाग को और पूरे अरुणाचल को अपने नक्शे में दिखाने की हिमाकत की थी, जिससे देशभर के लोगो में चीन को लेकर गुस्सा भर गया था. ऐसे में देश का एक ऐसा संत जिस पर लाखों लोग भरोसा करते हों और वो ऐसे संवेदनशील वक्त में चीन का बचाव करें तो उस संत की देशभक्ति पर तो लोग संदेह करेंगे ही.