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देहरादून: कारपेंटर ने तैयार किया देसी ऑक्सीजन फ्लो मीटर, जरूरतमंदों को दिया जा रहा मुफ्त

कोरोना संकट में जहां कालाबाजारी जोरों पर हैं, वहीं कुछ लोग संकट की इस घड़ी में जरूरतमदों की मदद भी कर रहे हैं. ऑक्सीजन ​की डिमांड बढ़ने के साथ ही जब ऑक्सीजन फ्लो मीटर की किल्लत शुरू हुई, तो कारपेंटर की दुकान चलाने वाले एक शख्स ने देसी ऑक्सीजन फ्लो मीटर तैयार किया, जो मदद की भावना से निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है. 

कारपेंटर ने तैयार किया देसी ऑक्सीजन फ्लो मीटर कारपेंटर ने तैयार किया देसी ऑक्सीजन फ्लो मीटर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 15 दिन से ऑक्सीजन फ्लो मीटर बनाने में जुटे रहे
  • डिमांड बढ़ने पर दिमाग में आया बनाने का आइडिया
  • मित्र की मदद से ऑक्सीजन फ्लो मीटर तैयार किया

उत्तराखंड के देहरादून में कारपेंटर की दुकान चलाने वाले सुरिंदर सिंह ने वो कर दिखाया, जिसके आगे बड़ों बड़ों के दिमाग भी फेल हैं. सुरिंदर सिंह ने देसी ऑक्सीजन फ्लो मीटर तैयार किया है. कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ी, तो ऑक्सीजन फ्लो मीटर भी मार्केट से गायब हो गए. इन पर कालाबाजारी शुरू हो गई, जिसके बाद ​सुरिंदर सिंह ने अपने एक डॉक्टर मित्र के सहयोग से इसे तैयार किया. खास बात ये है कि इस ऑक्सीजन फ्लो मीटर को वे निशुल्क दे रहे हैं.


निशुल्क उपलब्ध करा रहे ऑक्सीजन फ्लो मीटर
गढ़ी कैंट निवासी सरदार सुरिंदर सिंह की वैसे तो फर्नीचर की दुकान है, लेकिन वह पिछले 15 दिन से इस दुकान में ऑक्सीजन फ्लो मीटर बनाने में जुटे हैं. इसके लिए दिन-रात उनके पास फोन आ रहे हैं. उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ दिल्ली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी लोग फ्लो मीटर की मांग कर रहे हैं.

सुरिंदर सिंह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर देसी तकनीक पर आधारित ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाला फ्लो मीटर बनाकर जरूरतमंद लोगों को निशुल्क उपलब्ध करवा रहे हैं. बीते 3 दिनों में 40 से 50 लोगों ने अपने परिवारजनों की जान बचाने के लिए सुरिंदर सिंह से संपर्क स्थापित कर सब्सिट्यूट फ्लो मीटर बिना किसी कीमत के निशुल्क प्राप्त किया है.

इस तरह किया तैयार 
सुरिंदर सिंह का कहना है कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए, उन्होंने मरीजों को ऑक्सीजन देने की शुरुआत की थी, लेकिन ऑक्सीजन की बाजार में किल्लत होने लगी. उसके बाद मार्केट से फ्लो मीटर भी गायब होने लगा और इसकी कालाबाजारी होने लगी. इस बीच गाजियाबाद के रहने वाले उनके जानकार ने उन्हें सब्सिट्यूट फ्लो मीटर बनाने का सुझाव देते हुए एक वीडियो भेजा, लेकिन उस वीडियो में संपूर्ण जानकारी नहीं थी. वीडियो में ड्राई ऑक्सीजन की विधि बताई गई थी, लेकिन फ्लो मीटर बनाने की विधि में पानी के सिस्टम का तरीका नहीं बताया गया था. मन में हिट एंड ट्रायल का ख्याल आया और उन्होंने सिरिंज के माध्यम से प्रॉपर फ्लो मीटर तैयार किया.

बताते हैं चलाने की विधि 
सुरिंदर सिंह ने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए ऑक्सीजन फ्लो मीटर सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं. मरीजों के परिजनों को फ्लो मीटर दिए जाने से पूर्व सुरिंदर सिंह उन्हें बाकायदा ऑक्सीजन फ्लो मीटर को चलाने की तकनीकि सिखा रहे हैं, ताकि घर पर ऑक्सीजन ले रहे मरीजों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े. इसके अलावा जो लोग किसी कारणवश घर से नहीं निकल सकते, उनकी कॉल आने पर सुरिंदर सिंह लोकेशन और पता पूछकर उनके घरों पर ऑक्सीजन फ्लो मीटर निशुल्क फिट कर रहे हैं.


 

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