नोएडा में रहने वालों को अब एक अगस्त से अपने घर में तीन तरह के डस्टबिन रखने होंगे. नोएडा अथॉरिटी ने अपने नए आदेश में कहा है कि तीन तरह के डस्टबिन में अलग-अलग कूड़ा रखना होगा.
हरे डस्टबिन में घर से निकलने वाला गीला कूड़ा रखना होगा. मसलन सब्जियों और फलों के छिलके, अंडे के छिलके, मांस-मछली की हड्डियां या बचा हुआ भोजन. नीले या दूसरे डस्टबिन में सूखा कूड़ा रखना होगा जिसमें कागज, रद्दी रैपर्स और बोतल या केन.
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अब बारी आती है तीसरे डस्टबिन की. तीसरे और लाल रंग के डस्टबिन में मेडिकल वेस्ट और गैर बायोडिग्रेडेबल कूड़ा जमा करना होगा. इसमें खराब रेज़र, कैंची, बल्ब या शीशे के सामान फेंके जा सकेंगे.

नोएडा औद्योगिक प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया, "हमारे जन स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मचारी 1 अगस्त से घरों से केवल सेग्रीगेटेड कूड़ा ही उठाएंगे. घर में निकलने वाले कचरे के विभिन्न प्रकार के बारे में जानें और आज से ही अपने कूड़े को अलग-अलग करना शुरू करें.
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आदेश तो जारी हो गया लेकिन बड़ा सवाल ये है कि नोएडा में कई ऐसे परिवार भी हैं जो तीन डस्टबिन रखने में असक्षम हैं. ऐसे में ये परिवार नोएडा अथॉरिटी की नई गाइडलाइन का पालन कैसे करेंगे?