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पा‍क व ईरान के मौलानाओं से जुड़े लखनऊ दंगों के तार!

लखनऊ के पुराने शहर में पिछले दिनों हुए दंगों की सच्चाई खुलने लगी है और जल्द ही सच सामने आ जाएगा. शहर में हुए दंगों में सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि ईरान के कुछ मौलानाओं का हाथ है. मजलिस-ए-अमल के महासचिव मौलाना अब्दुल वली फारूकी ने यह बात प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही.

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लखनऊ के पुराने शहर में पिछले दिनों हुए दंगों की सच्चाई खुलने लगी है और जल्द ही सच सामने आ जाएगा. शहर में हुए दंगों में सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि ईरान के कुछ मौलानाओं का हाथ है. मजलिस-ए-अमल के महासचिव मौलाना अब्दुल वली फारूकी ने यह बात प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही.

उन्होंने आरोप लगाए कि शहर के मौलानाओं के सम्पर्क पाकिस्तान व ईरान के मौलानाओं के एजेंटों से हैं. फारूकी ने कहा कि ऐसे लोग राजधानी का माहौल खराब करने की फिराक में हैं. उन्होंने सरकार से मांग की है कि पाकिस्तान व ईरान से सम्पर्क रखने वाले मौलानाओं की जांच कराई जाए जिससे सच्चाई जनता के सामने आ सके.

उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों का उल्लघंन करके इन मौलनाओं को धन भेजा जाता है तथा इंटरनेट व फोन के जरिए शहर के कई मौलानाओं के सम्पर्क पाकिस्तान व ईरान के मौलाना से भी है. उन्होंने बताया कि इस मामले पर गौर करने के लिए 20 फरवरी को रात 8 बजे सुन्नी इंटर कॉलेज में जलसा होगा जिसमें कई लोग उपस्थित रहेंगे.

फारूकी ने कहा कि दहशतगर्दी के आरोप में देशभर में सैकड़ों मुसलमान 20 सालों से जेल में बंद हैं. समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में उत्तर प्रदेश में बंद मुसलमानों की रिहाई का वादा किया था लेकिन कार्यवाही नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में 23 फरवरी को ठाकुरगंज में कार्यक्रम होगा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की वकील तीस्ता शीतलवाड़, सपा के राष्ट्रीय सचिव कमाल फारूकी शामिल होंगे.

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