लखनऊ के सेंटेनियल स्कूल मामले में शासन ने लखनऊ बीएसए को दोषी पाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है. महानिदेशक स्कूल शिक्षा की संस्तुति पर बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह और तत्कालीन मंडलीय बेसिक शिक्षा निदेशक पीएन सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. पीएन सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं.
सेंटीनियल हायर सेकेंडरी स्कूल के परिसर में एक अन्य मैथोडिस्ट चर्च स्कूल को गलत ढंग से मान्यता दिए जाने के मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है.
पीएन सिंह वर्तमान में प्रयागराज में जिला विद्यालय निरीक्षक के पद पर तैनात हैं. प्रकरण में दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ मंडल को सौंपी गई है. साथ ही दोनों अधिकारियों को बेसिक शिक्षा निदेशक शिविर कार्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला कुछ इस तरीके से है लखनऊ के कैसरबाग क्षेत्र में स्थित, सेंटेनियल स्कूल की जमीन पर कुछ दबंगों ने गर्मी की छुट्टियों में कब्जा कर लिया और जब स्कूल खुला और विगत 1 जुलाई को बच्चे स्कूल में पढ़ने के लिए पहुंचे तो उन्हें एंट्री गेट पर ही रोक दिया गया. स्कूल परिसर में एंट्री नहीं दी और गेट के बाहर ताला जड़ दिया गया. यह वाक्या सिर्फ बच्चों के साथ ही नहीं हुआ बल्कि कुछ टीचरों के साथ भी किया गया और उन्हें भी स्कूल के गेट पर ही रोक दिया गया. क्योंकि स्कूल की जमीन पर कब्जा करके एक नए विद्यालय जिसका नाम मैथोडिस्ट चर्च स्कूल खोल दिया गया. इसके लिए बकायदा मैथोडिस्ट चर्च स्कूल का बोर्ड भी लगा दिया गया.
पुराने बच्चे और टीचरों को अंदर जाने से रोका
मिली जानकारी के मुताबिक फिर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की तरफ से दिए गए निर्देश के बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने स्कूल को 6 जुलाई तक बंद कर दिया, वहीं ऐसे में जब 6 जुलाई के बाद 7 जुलाई को स्कूल खुला तो सेंटेनियल स्कूल कैंपस में पुराने बच्चे और टीचरों को अंदर जाने से फिर रोका गया तो टीचर गेट के बाहर ही छात्रों को पढ़ाने के लिए क्लास लगा दी और इसी बीच माध्यमिक शिक्षा संघ ने धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया. जिसके बाद मामला बढ़ता हुआ देख जिला प्रशासन हरकत में आया और लखनऊ के डीएम मौके पर पहुंचे थे और इसी बीच जब डीएम को पूरे मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने कुल 12 लोगों खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे. जिसमें दबंगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए.
मेथाडिस्ट चर्च स्कूल का बोर्ड लगा
वहीं इस मामले में डीएम के द्वारा शासन को सौंपी गई रिपोर्ट के बाद मेथाडिस्ट चर्च स्कूल को धोखाधड़ी कर, अनियमितताओं को ताक पर रखते हुए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की मान्यता देना के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है. सेंटेनियल हायर सेकेंडरी स्कूल के कैंपस को अवैध रूप से दबंगों द्वारा कब्जा करके वहां पर मेथाडिस्ट चर्च स्कूल का बोर्ड लगा दिया गया और इसकी मान्यता बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ से प्राप्त की गई थी.
अनियमितताओं को ताक पर रखा गया
वहीं इस मामले में कुछ दिन पूर्व डीएम लखनऊ से दि क्रिश्चियन कॉलेज लखनऊ द्वारा शिकायत की गई थी कि मेथाडिस्ट चर्च स्कूल को मान्यता, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद से दी गई जबकि सेंटेनियल हायर सेकेंडरी एजुकेशन ने कोई अनुमति नहीं दी थी कि उसके परिसर में स्कूल कोई खोला जाए, शिकायत में यह भी बताया गया कि मेथोडिस्ट चर्च स्कूल को बेसिक शिक्षा परिषद की मानता दी गई थी वहीं अभिभावकों को सीबीएसई बोर्ड बता कर उनके साथ धोखा किया गया.
अनियमितताओं को ताक पर रखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता दी गई थी, वह भी सेंटेनियल स्कूल का बोर्ड हटाकर, अनीमा रिसाल सिंह के नेतृत्व में दबंगों द्वारा वहां कब्जा करके मेथाडिस्ट चर्च स्कूल का बोर्ड लगा दिया गया. इसी मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी दोषी पाए गए और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.