देश की वीआईपी सीटों में शुमार पीलीभीत सीट पर 66.62 प्रतिशत वोटिंग हुई है. इस सीट पर 2014 के मुकाबले ज्यादा वोटिंग हुई. यहां से बीजेपी नेता वरुण गांधी मैदान में हैं. इस बार लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया. उत्तर प्रदेश में इस बार औसतन 61.35 फीसदी रहा है. जबकि तीसरे चरण में देश में मतदान का औसत 61.46 प्रतिशत रहा है.
अमेठी और रायबरेली के अलावा पीलीभीत वो लोकसभा सीट है जिसे देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है और एक बार फिर यह गांधी परिवार जनता के बीच है. पीलीभीत लोकसभा सीट पर पिछले तीन दशक से इंदिरा गांधी के दूसरे बेटे संजय गांधी की पत्नी मेनका गांधी और बेटे वरुण गांधी का ही राज रहा है.
लोकसभा चुनाव अपडेट्स
- पीलीभीत लोकसभा सीट पर मतदाताओं का खासा उत्साह दिखा और यहां शाम 6 बजे तक 64.60 फीसदी मतदान हुआ. दूसरी ओर तीसरे चरण में 117 संसदीय सीटों पर 61.31 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश में 10 संसदीय सीटों पर औसतन 60.52 फीसदी मतदान हुआ. 5 बजे तक हुई पश्चिम बंगाल में 78.94 फीसदी वोटिंग हुई. यह अंतिम आंकड़ा नहीं है और इसमें बदलाव हो सकता है. 4 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेशों में 70 फीसदी से ज्यादा वोट पड़े.
BJP candidate from Pilibhit parliamentary constituency, Varun Gandhi visits a polling booth in Pilibhit and clicks selfies with supporters. pic.twitter.com/EpIuCrZqZn
— ANI UP (@ANINewsUP) April 23, 2019
- दोपहर 3 बजे तक पीलीभीत में 52.06 फीसदी मतदान हो चुका है. वहीं देश में तीसरे चरण में कराए जा रहे मतदान में 117 संसदीय सीटों पर अब तक 51.15 फीसदी मतदान हो चुका है. उत्तर प्रदेश में मतदान पर नजर डाली जाए तो यहां पर प्रदेश के 10 संसदीय सीटों पर 3 बजे तक 46.99 फीसदी मतदान हो चुका है. इस समय तक सबसे ज्यादा मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ जहां 67.52 फीसदी वोटिंग हुई.
Estimated voter turnout till now for the 3rd phase of the #LokSabhaElections2019 is 51.15%. Voting for 116 parliamentary constituencies across 13 states and 2 union territories is being held today. pic.twitter.com/mV9g0JmSq1
— ANI (@ANI) April 23, 2019
1 बजे तक राज्यों में हुए मतदान का प्रतिशत
- दोपहर 1 बजे तक पीलीभीत में 24.22 फीसदी मतदान हो चुका है. वहीं देश में तीसरे चरण में कराए जा रहे मतदान में 117 संसदीय सीटों पर अब तक 37.89 फीसदी मतदान हो चुका है.
- सुबह 11 बजे तक पीलीभीत में 25.20 फीसदी मतदान हो चुका है. तीसरे चरण के तहत आज मंगलवार को 10 संसदीय क्षेत्रों में अब तक 22.64% मतदान हो चुका है.
- सुबह 9 बजे तक पीलीभीत में 10.50 फीसदी मतदान हो चुका है.
मैदान में 13 उम्मीदवार
यूपी में उत्तर प्रदेश में अमेठी और रायबरेली के अलावा पीलीभीत वो लोकसभा सीट है जिसे देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है और एक बार फिर यह गांधी परिवार जनता के बीच है. पीलीभीत लोकसभा सीट पर पिछले तीन दशक से इंदिरा गांधी के दूसरे बेटे संजय गांधी की पत्नी मेनका गांधी और बेटे वरुण गांधी का ही राज रहा है. पिछली बार मेनका गांधी ने यहां से चुनाव लड़ा था और इस बार उनके बेटे वरुण गांधी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
पीलीभीत लोकसभा सीट पर इस बार कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी के वरुण गांधी, समाजवादी पार्टी के हेमराज वर्मा और जनता दल यूनाइटेड के डॉक्टर भरत के बीच है. यहां से 6 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं. बीजेपी ने इस बार लोकसभा चुनाव में सीटों की अदला-बदली करते हुए मेनका गांधी को पीलीभीत की जगह सुल्तानपुर से जबकि वरुण गांधी को सुल्तानपुर की जगह पीलीभीत से मैदान में उतारा है.
1984 के बाद कांग्रेस नहीं
पीलीभीत लोकसभा सीट के संसदीय इतिहास की बात करें तो 1951 में लोकसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस ने यहां से जीत हासिल की हो, लेकिन उसके बाद 1957, 1962, 1967 के चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने जीत दर्ज की थी. 1971 में कांग्रेस को फिर से यहां पर जीत मिली, लेकिन 1977 में चली सरकार विरोधी लहर में कांग्रेस की करारी हार हो गई.
1980 और 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर यहां से बड़ी जीत हासिल की, लेकिन उसके बाद कांग्रेस यहां कभी वापसी नहीं कर सकी. संजय गांधी की मौत के बाद गांधी परिवार से अलग हुई मेनका गांधी ने 1989 में जनता दल के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ा और जीता. लेकिन दो साल बाद 1991 में हुए चुनाव में बीजेपी ने यहां से जीत की शुरुआत की.
मेनका गांधी ने 1996 से 2004 तक लगातार चार बार यहां से चुनाव जीता, इनमें दो बार निर्दलीय और 2004 में बीजेपी के टिकट से चुनाव में जीत हासिल की थी. 2009 में उन्होंने अपने बेटे वरुण गांधी के लिए यह सीट छोड़ दी और वरुण यहां से सांसद चुने गए. लेकिन 2014 में एक बार फिर वह यहां वापस आईं और छठीं बार यहां से सांसद चुनी गईं. वह केंद्र में मंत्री भी बनीं.
मुस्लिम वोटरों का भी खास प्रभाव
पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र में हिंदू वोटरों के साथ-साथ मुस्लिम वोटरों का भी खास प्रभाव है. पीलीभीत में 30 फीसदी आबादी मुस्लिमों की है. 2014 के चुनाव में पीलीभीत में 16 लाख से अधिक वोटर थे, जिनमें 9 लाख पुरुष और 7 लाख से अधिक महिला मतदाता शामिल थे. इस लोकसभा क्षेत्र में 5 विधानसभा सीटें बहेड़ी, पीलीभीत, बड़खेड़ा, पूरनपुर और बिसालपुर शामिल हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में सभी पांच सीटों पर बीजेपी ने ही बाजी मारी थी.
2014 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत में कुल 62.9% मतदान हुआ जिसमें बीजेपी की मेनका गांधी को 52 फीसदी से भी ज्यादा वोट मिले और उन्होंने चुनाव में एकतरफा जीत हासिल की. मेनका गांधी को 52.1% और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को 22.8% वोट हासिल हुए थे.
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