कुंभ 2019 की तैयारियों में जुटी योगी सरकार प्रयागराज में वह बदलाव ला रही है जो इसके पहले कभी नहीं हुआ. योगी आदित्यनाथ ने जब इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया तो उनकी काफी आलोचना हुई, लेकिन कुंभ महापर्व के ठीक पहले इलाहाबाद का सिर्फ नाम ही नहीं बदला बल्कि इस शहर की पूरी तस्वीर ही बदल रही है. रंग रोगन और ऐसी सजावट हो रही है जो पहले किसी ने कभी नहीं देखा. कहीं फुटपाथ बनाए जा रहे हैं तो कहीं नई- नई स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है. इसके अलावा सड़क के बीचों बीच फूल पौधे लगाकर शहर को सजाया संवारा जा रहा है. इस काम में जुटे कर्मचारी भी मानते हैं की कुंभ के लिए ऐसी तैयारी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी. इन कर्मचारियों का कहना है कि आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों को हरियाली और खूबसूरती देखने को मिलेगी.
प्रयागराज की खूबसूरती बढ़ाने के लिए हर दीवार को रंगा जा रहा है. भारत के अलग-अलग हिस्से से आए कलाकार रंगाई पुताई करके प्रयागराज को चमका रहे हैं. दीवारों पर भारतीय सभ्यता और परंपरा की अलग-अलग कलाकृतियां पेंट की जा रही हैं. क्या दुकान, क्या मकान, क्या फ्लाईओवर, सब कुछ रंग बिरंगे कलाकृतियों से सजे दिखाई दे रहे हैं. संगम के आसपास के इलाकों में पेड़ पौधों को भी अलग-अलग रंगों में रंगा गया है. भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कलाओं और भारतीय पौराणिक कथाओं के चरित्रों को संगम किनारे लगे पेड़ पौधों पर पेंट के जरिए उकेरा जा रहा है.
प्रयाग में कुंभ मेले के मेला अधिकारी ने इन तैयारियों का जिक्र करते हुए बताया कि प्रयागराज में रंग रोगन करने के साथ सेल्फी प्वॉइंट भी बनाए गए हैं. संगम किनारे हिंदुस्तान के मित्र राष्ट्रों के झंडे उसी खूबसूरती का प्रतीक हैं. इमारतों पर रंग रोगन के साथ साथ जगह जगह पर आकर्षक पुतले लगाए गए हैं. भारतीय पौराणिक कथाओं से जुड़े यह किरदार पुत्रों के रूप में प्रयागराज के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगाए जाएंगे. इनको बनाने के लिए हिंदुस्तान के अलग-अलग होने से कलाकार प्रयागराज पहुंचे हैं. इनके अंदर भी इस महापर्व को लेकर उतना ही उल्लास है. दिल्ली, कोलकाता, उड़ीसा समेत देश के कई हिस्सों से कलाकार आए हैं जो कलाकृतियां बना रहे हैं. इनका कहना है कि प्रयागराज को सजाने का काम किया जा रहा है.
पूरे प्रयागराज में अलग-अलग जगहों पर एलईडी डिस्प्ले लगाए गए हैं. जहां कुंभ मेला और स्नान से जुड़ी तारीख प्रदर्शित की जा रही हैं. जगह जगह चौराहों पर बने फ्लाईओवर के नीचे खंभों पर भी पौराणिक कथाओं के चरित्र और मंत्रों को आकृति दी गई है.